Wednesday, September 9

अपराधियों पर शिकंजा कसने और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दिया है। फेम इंडिया मैगजीन की ओर से जारी देश के टॉप-25 IPS अधिकारियों की सूची में धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार को 18वां स्थान मिला है। खास बात यह है कि इस सूची में झारखंड से जगह बनाने वाले वे एकमात्र IPS अधिकारी हैं।

ऐक्शन मोड में रहते हैं आईपीएस प्रभात कुमार 

मई 2025 में धनबाद में लंबित कांडों की संख्या 4300 थी, उसके बाद जब वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार की ज्वाइंनिंग हुयी तब जुलाई 2026 में इनकी संख्या घटकर 1700 रह गई है, जिसे ऐतिहासिक निष्पादन बताया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में जिले में 8 हजार से अधिक मामलों की गुणवत्तापूर्ण जांच पूरी की गई। इस दौरान विभिन्न मामलों में 1910 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिनमें करीब 100 गैंगस्टर शामिल हैं। यहां तक कि कुख्यात प्रिंस खान गिरोह के 70 से अधिक अपराधी बीते 12 महीनों में जेल जा चुके हैं, जबकि गिरोह के मास्टरमाइंड सैफी को दुबई से वापस लाकर कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 2.25 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को चार साथियों समेत राजगंज से गिरफ्तार किया गया।

अपराध पर लगाम और विकास को प्राथमिकता

यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत जुलाई माह में एक करोड़ रुपये चालान के रूप में वसूले गए। काला शीशा और ट्रिपलिंग पर सख्ती से लगभग रोक लगी है। डायल 112 का रिस्पॉन्स टाइम मात्र 8 मिनट है, जो आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से पूरे राज्य में सबसे बेहतर माना जा रहा है। पुलिस लाइन में 250 क्षमता वाला आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल, परेड ग्राउंड, शस्त्रागार भवन और 20,000 वर्गफीट का वाहन शेड बनाया गया। धनबाद थाने का पुराना भवन ध्वस्त कर नवीनीकरण किया गया और वहां हरित वाटिका पार्क भी बनाया गया, जिसका उद्घाटन आईजी ने किया।

जनसेवा और डिजिटल पहल
मिशन अमानत के तहत पहले चरण में गुम या चोरी हुए 505 मोबाइल फोन उनके मालिकों को लौटाए गए। पीजी पोर्टल पर शिकायत निपटारे में धनबाद पूरे राज्य में अव्वल है, जहां निष्पादन प्रतिशत 100 से भी ऊपर है। साथ ही 400 से अधिक दागी व्यक्तियों की परेड कराकर उन्हें मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की गई।

सेवाकाल का अनुभव
प्रभात कुमार अपने सेवाकाल में रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक, जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पाकुड़ के एसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। धनबाद में पदभार संभालने के बाद से उन्होंने अपराध नियंत्रण, संगठित अपराध और आर्थिक अपराध के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी।

अपराधियों पर लगातार दबाव की रणनीति
उनके नेतृत्व में धनबाद पुलिस ने संगठित आपराधिक गिरोहों के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए निरंतर अभियान चलाया। अपराध से अर्जित संपत्तियों पर कुर्की की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई। फरार और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ लंबित वारंटों के निष्पादन पर जोर देने की इस रणनीति ने धनबाद में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता को नई धार दी है।

मुझे जुबान पर कम काम पर ज्यादा विश्वास- प्रभात कुमार

वर्षों की पुलिस की नौकरी ने कई अनुभव दिए हैं. मुझे जुबान पर कम और अपने काम पर ज्यादा विश्वास है. जिले की सुरक्षा और पुलिसिंग से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. प्रिंस खान जैसे अपराधी जल्द ही कानून की गिरफ्त में होंगे. अपराधमुक्त धनबाद और विकसित झारखंड का सपना है जिसे पूरा करने का प्रयास कर रहा हूं.

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