Wednesday, October 14

साहिबगंज: साहिबगंज-बरहड़वा रेलखंड पर गंगा के कटाव से पैदा हुए संकट के बीच अब रेलवे को बड़ी राहत मिली है। सकरीगली-महाराजपुर के बीच प्रभावित हिस्से में लगातार छह दिनों तक चले बचाव कार्य के बाद कटाव की रफ्तार को नियंत्रित करने में सफलता मिली है। रेलवे अब प्रभावित हिस्से में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बोल्डर का बॉक्स तैयार कर रहा है।

कटाव के कारण पिछले कई दिनों से डाउन लाइन पर रेल परिचालन प्रभावित है। ऐसे में रेलवे के लिए सबसे बड़ी चुनौती पहले ट्रैक को सुरक्षित करना और उसके बाद परिचालन बहाल करना है। ताजा स्थिति में कटाव नियंत्रित होने के बाद अब काम अगले चरण में पहुंच गया है।

बोल्डर बॉक्स से मजबूत की जा रही ट्रैक की सुरक्षा

प्रभावित हिस्से में रेलवे की ओर से बोल्डर और अन्य सामग्री के जरिए कटावरोधी संरचना तैयार की जा रही है। कुछ स्थानों पर बोल्डर का बॉक्स बन चुका है, जबकि बीच-बीच में मौजूद गैप को भरने का काम जारी है।

गंगा का बहाव कम होने से भी राहत कार्य को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। रेलवे की टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं और प्रभावित हिस्से की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

अब ट्रेनों की बहाली पर नजर

कटाव पर नियंत्रण के बाद अब डाउन लाइन पर ट्रेनों के परिचालन का इंतजार है। रेलवे की तकनीकी टीम सुरक्षा कार्य पूरा होने के बाद ट्रैक और आसपास के हिस्से का निरीक्षण करेगी। इसके बाद ही परिचालन बहाल करने पर निर्णय लिया जाएगा। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सब कुछ अनुकूल रहा तो अगले कुछ दिनों में परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।

फिलहाल डाउन लाइन पर परिचालन प्रभावित रहने के कारण कई ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट किया गया है। पांच अक्टूबर को भी कई ट्रेनों के रद्द रहने और कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव की जानकारी सामने आई है। यात्रियों की सुविधा के लिए साहिबगंज-भागलपुर के बीच पैसेंजर स्पेशल ट्रेनें चलाने की भी व्यवस्था की गई है।

छह दिनों की लगातार मशक्कत के बाद कटाव नियंत्रित होना रेलवे के लिए अहम राहत है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सुरक्षा कार्य कब पूरी तरह समाप्त होता है और साहिबगंज-बरहड़वा रेलखंड की डाउन लाइन पर नियमित परिचालन कब बहाल हो पाता है।

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