Wednesday, October 14

रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने रांची में प्रदर्शन किया। इस दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव किया और आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शनकारी नेताओं ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। राजद नेताओं का दावा है कि इस प्रक्रिया से भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राजनीतिक लाभ पहुंच रहा है। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और इसके पीछे राजनीतिक उद्देश्य होने संबंधी आरोप पार्टी नेताओं के हैं।

RJD ने लगाया मतदाता सूची से नाम काटने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR के माध्यम से करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन क्षेत्रों में बीजेपी को चुनावी समर्थन नहीं मिलता, वहां के मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। पार्टी नेताओं ने इस प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा।

राजद नेताओं का कहना था कि मतदाता सूची में नाम होना प्रत्येक पात्र मतदाता के मतदान के अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को अपने मताधिकार से वंचित न होना पड़े।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। राजद नेताओं ने कहा कि यदि वह इस्तीफा नहीं देते हैं, तो पार्टी देशभर में आंदोलन को और तेज करेगी। नेताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए SIR को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

हाथ बांधकर और मुंह पर कालिख लगाकर जताया विरोध

रांची में हुए प्रदर्शन के दौरान विरोध का अनूठा तरीका भी देखने को मिला। कुछ कार्यकर्ता अपने हाथ बांधकर पहुंचे थे, जबकि कुछ के मुंह पर कालिख लगी हुई थी। इन प्रतीकात्मक तरीकों के जरिए उन्होंने निर्वाचन आयोग के प्रति अपना विरोध जताया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने लगातार नारेबाजी की और अपनी मांगों को दोहराया। राजद नेताओं ने स्पष्ट किया कि SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे का मुद्दा उठाते हुए उनका विरोध जारी रहेगा।

इस प्रदर्शन के जरिए राजद ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने और किसी राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित आंकड़ों और निर्वाचन आयोग के पक्ष को देखना जरूरी है।

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