आंखों के नीचे की त्वचा चेहरे के बाकी हिस्सों की तुलना में ज्यादा पतली और संवेदनशील होती है। यही वजह है कि यह हिस्सा नमी को लंबे समय तक बनाए नहीं रख पाता और यहां रूखापन जल्दी नजर आने लगता है। अंडर आई एरिया में ड्राई स्किन होने पर त्वचा खिंची हुई महसूस हो सकती है, ज्यादा रूखापन होने पर लाल और फटी हुई भी दिख सकती है। साथ ही, इस वजह से मेकअप भी पैची नजर आ सकता है। आइए जानते हैं कि इस समस्या से बचने के लिए डेली रूटीन में क्या-क्या शामिल करना चाहिए।
हार्श प्रोडक्ट्स से बनाएं दूरी, इस्तेमाल करें माइल्ड क्लींजर
अगर आंखों के नीचे की त्वचा सूखी और संवेदनशील है, तो इस हिस्से पर तेज केमिकल वाले प्रोडक्ट्स, स्क्रब और ज्यादा एक्सफोलिएशन के इस्तेमाल से बचना चाहिए, क्योंकि ये जलन और रूखापन बढ़ा सकते हैं। चेहरा साफ करने के लिए हल्के और माइल्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें। गर्म पानी की जगह गुनगुने पानी का उपयोग करें और आंखों के आसपास की त्वचा को रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से साफ करें।
मॉइस्चराइजर है जरूरी, आंखें रगड़ने से बचें
चेहरा साफ करने के बाद त्वचा को मुलायम तौलिए से थपथपाकर सुखाएं और उसके बाद मॉइस्चराइजर या अंडर आई क्रीम हल्के हाथों से लगाएं। ड्राईनेस या खुजली होने पर आंखों को बार-बार रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे त्वचा और ज्यादा संवेदनशील हो सकती है। मेकअप करते समय भी अंडर आई एरिया पर ज्यादा दबाव न डालें और ऐसे प्रोडक्ट्स चुनें जो संवेदनशील त्वचा के लिए सुरक्षित हों।
कब लें डॉक्टर की सलाह
अगर सामान्य देखभाल के बावजूद अंडर आई ड्राईनेस ठीक नहीं होती या लगातार बनी रहती है, खासकर लालिमा, खुजली, जलन, सूजन या पपड़ी जैसी समस्याओं के साथ, तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
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