Monday, September 14

रांची की सड़कों पर अगर आप कुछ देर खड़े होकर ट्रैफिक देख लें, तो शायद आपको आंकड़ों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। कौन नियम मान रहा है और कौन नियमों को अपनी मर्जी से चला रहा है – तस्वीर खुद बता देगी।

राजधानी में अगस्त महीने की 1 से 29 तारीख तक ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के 91,209 चालान काटे गए। इन पर करीब 6.39 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।

अब जरा दूसरी तस्वीर देखिए।

रातू रोड… हनुमान मंदिर के पास।

यहां सड़क पर ऐसे वाहन नजर आते हैं, जिन पर न नंबर प्लेट की चिंता है, न हेलमेट की और न ही ट्रिपल लोडिंग का डर। एक बाइक पर तीन लोग सवार होकर आराम से सड़क पर निकल रहे हैं। सवाल यह नहीं कि इन्हें ट्रैफिक नियम पता नहीं हैं… सवाल यह है कि नियम पता होने के बावजूद इन्हें तोड़ने का डर क्यों नहीं है?

और यही रांची के ट्रैफिक सिस्टम की सबसे बड़ी तस्वीर है।

एक तरफ पुलिस लगातार चालान काट रही है। दूसरी तरफ सड़कों पर नियम तोड़ने वालों की कमी नहीं दिख रही।

तो क्या चालान सिर्फ रसीद बनकर रह गया है?

क्योंकि अगर 29 दिनों में 91 हजार से ज्यादा चालान काटने के बाद भी सड़क पर वही ट्रिपल लोडिंग, बिना हेलमेट और बिना नंबर प्लेट वाले वाहन नजर आ रहे हैं, तो कहीं न कहीं व्यवस्था और लोगों की सोच – दोनों पर सवाल उठता है।

प्रशासन से भी सवाल बनता है।

जब राजधानी की सड़कों पर खुलेआम ऐसे वाहन चल रहे हैं, तो निगरानी कहां है? क्या कार्रवाई सिर्फ चालान काटने तक सीमित है? जिन जगहों पर लगातार ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हो रही है, वहां नियमित चेकिंग और सख्त कार्रवाई कितनी प्रभावी है?

क्योंकि ट्रैफिक व्यवस्था का मकसद सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि नियमों का पालन करवाना होना चाहिए।

91 हजार चालान और 6.39 करोड़ रुपये का आंकड़ा बड़ा है। लेकिन अगर इसके बावजूद सड़क पर कोई व्यक्ति बिना हेलमेट ट्रिपल लोड होकर निकल रहा है और उसे नियम तोड़ने में कोई डर नहीं है, तो फिर सवाल आंकड़ों से आगे जाता है।

क्या रांची में लोगों को चालान का डर है या सिर्फ चालान कटने के बाद जुर्माना भरने की आदत पड़ गई है?

और प्रशासन के सामने भी यही चुनौती है कि चालान की संख्या बढ़ानी है या नियम तोड़ने वालों की संख्या घटानी है?

फिलहाल तस्वीर यही कह रही है कि चालान बढ़ रहे हैं, लेकिन सड़क पर लापरवाही अभी भी कम नहीं हुई है।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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