Wednesday, September 9

ओरमांझी गोला भारतमाला प्रोजेक्ट बनाने की जिम्मेदारी जिस बर्बरिक प्रोजेक्ट लिमिटेड को मिली है उसपर NHAI ने 20 करोड़ की पेनाल्टी ठोंकी है. इतना ही नहीं बर्बरिक प्रोजेक्ट लिमिटेड को नाॅन परफार्मर संवेदक की चिट्ठी भी जारी की गयी है लेकिन उसके बावजूद बर्बिरक प्रोजेक्ट लिमिटेड 1200 करोड़ का काम कर रहा है. संवेदक कंपनी के काम में लगातार गड़बिड़यां निकल रही हैं, कंपनी के द्वारा घटिया मेटेरियल इस्तेमाल किये जाने का आरोप भी लगा है लेकिन उसके बावजूद कंपनी के अधिकारी कोई सुध नहीं ले रहे. सड़क की हालत बद से बदतर होती जा रही है और शिकायतें जब ज्यादा आने लगती हैं तब संवेदक कंपनी थूक से जूता पाॅलिश करने लगती है. मतलब रिपेयरिंग का काम तेजी से किया जाता है ताकि गड़बड़ियां छुपाई जा सकें.

BJP सांसद मनीष जायसवाल के क्षेत्र में AJSU सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी क्यों निकाल रहे गड़बड़ी

ओरमांझी गोला सड़क से संबंधित शिकायतें सार्वजनिक करने के मामले में AJSU सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने NHAI को पत्र लिखा, जियो टैग के साथ गड़बड़ियां उजागर कर अल्टीमेटम भी दिए लेकिन एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जिस क्षेत्र की गड़बड़ियां निकाली जा रही हैं वह लोकसभा क्षेत्र BJP सांसद मनीष जायसवाल का है . आखिर मनीष जायसवाल के क्षेत्र में AJSU सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी गड़बड़ियां निकालने का अभियान क्यों चला रहे हैं. चन्द्रप्रकाश चौधरी गिरीडीह के सांसद हैं और गिरीडीह से संबंधित लोकसभा क्षेत्र की कई समस्याओं की अनदेखी की जा रही है इतना ही नहीं राज्य सरकार के खिलाफ भी चन्द्रप्रकाश चौधरी को कभी मुखर होकर आवाज बुलंद करते नहीं देखा गया है ऐसे में मनीष जायसवाल के क्षेत्र में घुसकर भारतमाला की गड़बड़ियां के पीछे कोई राजनौतिक मुद्दा तो नहीं ? NHAI से लेकर सियासी गलियारे में भी तेज चर्चा है कि चौधरी जी दूर का खेल खेलने में लग गए हैं.

3-4 साल से NHAI को नहीं मिल रहा फाॅरेस्ट क्लियरेंस

झारखंड डिजिटल की टीम ने जब मामले की पड़ताल शुरु की तब पता चला कि NHAI को पिछले 3-4 साल से एक बार भी वन विभाग का क्लियरेंस नहीं मिला है जिसके कारण कई समस्याएं आ रही हैं. स्टेज 2 का क्लियरेंस नहीं मिल पाने के कारण बिटुमिन का काम नहीं किया जा रहा साथ ही भूअर्जन विभाग की लापरवाही के कारण जमीन का अधिग्रहण भी काफी धीमा है. बिजली और मोबाइल के टाॅवर नहीं हटाए जा रहे जिसके कारण गार्डवाल बनाने का काम भी धीमा चल रहा है. ROW भी खत्म हो चुका है.

दिल्ली दे रही 100 किमी / प्रतिदिन सड़क निर्माण का टारगेट 

NHAI के प्रोजेक्ट डाेरेक्टर विजय कुमार ने इस संबंध में सवाल करने पर कहा कि झारखंड में सड़क निर्माण के काम में प्रतिदिन 100 किमी का टारगेट दिया जा रहा है लेकिन उसमें 30 से 32 किमी का काम ही पूरा कर पाना संभव हुआ है. इसके अलावा राज्य सरकार के कई विभागों के साथ कई औपचारिकताएं हैं जिनको पूरा किया जाता है. संवेदक कंपनियों को लागातार दवाब बनाया जा रहा है कि उत्कृष्ट गुणवत्ता से सड़क का निर्माण करें लेकिन कहीं ना कहीं से लागातार शिकायतें मिलती रहती हैं.

IIT की विशेष टीम करेगी सड़क की जांच

ओरमांझी गोला सड़क की जांच अब IIT की विशेष टीम को दिया गया है. सड़क की गुणवत्ता से लेकर उसमें उपयोग किए जा रहे मेटेरियल के सैंपल लिए जा रहे हैं साथ ही काम की गति भी अब IIT के विशेष इंजीनियर्स की टीम के नजर में रहेगी. इसके अलावा निर्माण कार्य की जांच के लिए जिस एजेंसी को रखा गया है उस टीम लीडर को भी नोटिस जारी किया गया है.

 

 

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