रांची: रांची सदर अस्पताल में इलाज की सुविधाओं को आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। अस्पताल में दांतों और आंखों से जुड़ी सेवाओं को अपग्रेड करने के लिए झारखंड सरकार ने करीब 5 करोड़ रुपये की दो योजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें AI-सक्षम Digital CAD-CAM Dental Lab की स्थापना और Opthalmology विभाग में उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाओं का विस्तार शामिल है। दोनों योजनाओं की कुल स्वीकृत राशि 4 करोड़ 99 लाख 50 हजार रुपये है।
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इन योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी है। मकसद सदर अस्पताल में ही ऐसी आधुनिक जांच और उपचार सुविधाएं तैयार करना है, जिनके लिए मरीजों को दूसरे अस्पतालों या निजी केंद्रों पर निर्भर न रहना पड़े।
2.49 करोड़ से बनेगी AI-सक्षम Digital Dental Lab
सदर अस्पताल में AI-सक्षम Digital CAD-CAM Dental Lab स्थापित करने के लिए 2 करोड़ 49 लाख 50 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। विभाग की योजना इस केंद्र को राज्य के सरकारी अस्पतालों में एक मॉडल Dental Lab के तौर पर विकसित करने की है।
इस लैब में दांतों से जुड़े इलाज और अलग-अलग Dental procedures में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मरीजों को Endodontics (Endo) और Orthodontics (Ortho) से जुड़ी सुविधाएं सरकारी दरों पर उपलब्ध कराने की योजना है।
लैब में Maxillofacial Cancer से प्रभावित मरीजों के लिए भी विशेष सुविधा प्रस्तावित है। ऐसे मरीजों के लिए 3D Printed Obturator तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा डॉक्टरों और Dental Auxiliaries को आधुनिक डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल का प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था योजना में शामिल है।
Dental Lab की राशि का इस्तेमाल कैसे होगा?
स्वीकृत राशि में अलग-अलग मदों के लिए प्रावधान किया गया है। इसमें करीब 1.465 करोड़ रुपये Dental Lab के उपकरण और Clinical Support System के लिए हैं।
इसके अलावा:
- 35 लाख रुपये एक साल के Recurring Expenditure के लिए
- 25 लाख रुपये Technical और Clinical Human Resources के लिए
- 20 लाख रुपये दो साल के रखरखाव के लिए
- 15 लाख रुपये Lab Development के लिए
- 8 लाख रुपये Computer, Furniture और Printer जैसी सुविधाओं के लिए निर्धारित हैं।
2.50 करोड़ से आधुनिक होगा Eye Department
Dental के साथ सदर अस्पताल के Opthalmology यानी नेत्र विभाग को भी अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये की योजना मंजूर हुई है। इसका उद्देश्य आंखों से जुड़ी गंभीर बीमारियों की जांच और निगरानी के लिए आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत अस्पताल में Comprehensive Eye OPD विकसित करने की व्यवस्था होगी। यहां मरीजों के रजिस्ट्रेशन, आंखों की जांच और डॉक्टर से परामर्श की सुविधा एक व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराने की तैयारी है।
इसके साथ Refraction और Optometry के लिए भी अलग व्यवस्था विकसित की जाएगी।
ग्लूकोमा से लेकर डायबिटिक रेटिनोपैथी तक की जांच
नई सुविधाओं में आंखों की कई गंभीर बीमारियों की जांच के लिए आधुनिक तकनीक शामिल होगी। इनमें Tonometry, Pachymetry, OCT और Automated Visual Field Testing जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इनकी मदद से ग्लूकोमा समेत आंखों की दूसरी समस्याओं की जांच और निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
इसके अलावा Digital Fundus Imaging और OCT जैसी तकनीकों का इस्तेमाल रेटिना की जांच में किया जाएगा। इससे खास तौर पर Diabetic Retinopathy जैसी बीमारी की पहचान और निगरानी में मदद मिल सकती है।
सरकारी अस्पताल में बढ़ेंगी आधुनिक सुविधाएं
इन दोनों योजनाओं के लागू होने के बाद रांची सदर अस्पताल में Dental और Eye Care से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा। एक तरफ डिजिटल तकनीक से लैस Dental Lab तैयार होगी, वहीं दूसरी ओर नेत्र विभाग में आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सरकार की इन योजनाओं से सदर अस्पताल में ही दांतों और आंखों से जुड़ी कई जांच और उपचार सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी है। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों योजनाओं के लिए कुल ₹4,99,50,000 की स्वीकृति दी गई है।
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