Wednesday, October 14


रांची।
झारखंड को औद्योगिक निवेश के मोर्चे पर एक बड़ी सफलता मिली है। प्रतिष्ठित औद्योगिक घराने जिंदल समूह ने राज्य में स्टील, परमाणु ऊर्जा और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में ₹70,000 करोड़ से अधिक के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इस निवेश से राज्य में लगभग 10,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है, जबकि इससे जुड़े उद्योगों और सेवा क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।

निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा स्टील सेक्टर में

जिंदल समूह के निवेश प्रस्ताव का केंद्र बिंदु रामगढ़ जिले के पतरातू में प्रस्तावित एकीकृत स्टील संयंत्र है, जो रांची से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित है। जिंदल स्टील लिमिटेड यहां 6

मिलियन टन प्रतिवर्ष (एमटीपीए) क्षमता का यह संयंत्र लगभग ₹40,000 करोड़ की लागत से स्थापित करेगी। यह प्लांट आधुनिक और कम-उत्सर्जन तकनीकों पर आधारित होगा और इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, रक्षा तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता का स्टील उपलब्ध कराएगा।

परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में झारखंड का पहला बड़ा कदम

निवेश प्रस्ताव में सबसे उल्लेखनीय पहल जिंदल समूह की एक इकाई, जिंदल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड, द्वारा प्रस्तावित 1,400 मेगावाट क्षमता का परमाणु ऊर्जा संयंत्र है, जिसमें करीब ₹30,000 क

रोड़ का निवेश होगा। यह परियोजना केंद्र सरकार के “शांति” (स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर एवं उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकी) ढांचे के तहत आगे बढ़ाई जाएगी, जिसका मकसद परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देना है। साकार होने पर यह झारखंड का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र होगा, हालांकि परियोजना सभी वैधानिक, सुरक्षा और नियामक अनुमोदनों के अधीन रहेगी।

सौर ऊर्जा में भी निवेश का प्रस्ताव

जिंदल रिन्यूएबल प्राइवेट लिमिटेड ने राज्य में 140 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। यह पहल औद्योगिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप है और राज्य में स्थिर, कम-कार्बन आधारभूत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेगी।

रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगी गति

राज्य सरकार का मानना है कि यह निवेश झारखंड की विनिर्माण क्षमता को नई ऊंचाई देगा और देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक डी-कार्बनाइजेशन तथा स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी सशक्त समर्थन देगा। सीधे रोजगार के अलावा इससे एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र को भी व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य में समावेशी और सतत विकास को गति मिलेगी।

गौरतलब है कि जिंदल समूह का यह निवेश उस बड़े निवेश पैकेज का हिस्सा है, जिसके तहत हाल ही में राज्य सरकार ने कई कंपनियों के साथ कुल मिलाकर करीब ₹99,639 करोड़ के 14 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें टाटा स्टील, अंबुजा सीमेंट, गूगल और अन्य कंपनियां भी शामिल हैं। सरकार का दावा है कि ये निवेश झारखंड की औद्योगिक क्षमता और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का स्पष्ट संकेत हैं।

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