मुंबई, 23 अक्टूबर 2026। भारतीय शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ (IPO) ने नया इतिहास रच दिया है। देश के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल ₹30,213 करोड़ के इस इश्यू में आवेदनों की संख्या एक करोड़ के पार पहुंच गई है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक आईपीओ के लिए कुल 1,00,15,118 आवेदन प्राप्त हुए। इसके साथ ही जियो ने अक्टूबर 2024 में वारी एनर्जीज के नाम दर्ज 97.34 लाख आवेदनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
निवेशकों के बीच जियो आईपीओ को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। तीसरे और अंतिम दिन शुक्रवार तक यह आईपीओ कुल 6.89 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। वहीं, बड़े संस्थागत निवेशकों यानी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की श्रेणी में 14.38 गुना अभिदान दर्ज किया गया। आवेदन के आंकड़ों में आई तेजी ने इस इश्यू को बाजार के सबसे चर्चित आईपीओ में शामिल कर दिया है।
पहली बार IPO में एक करोड़ से ज्यादा आवेदन
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में किसी आईपीओ के लिए एक करोड़ से अधिक आवेदन आने का यह पहला मामला बताया जा रहा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड वारी एनर्जीज के पास था, जिसके अक्टूबर 2024 में आए आईपीओ को 97.34 लाख आवेदन मिले थे।
जियो आईपीओ के लिए आवेदन की संख्या पहले दिन करीब 30.5 लाख थी। दूसरे दिन के अंत तक यह आंकड़ा 75 लाख के पार पहुंच गया। तीसरे दिन निवेशकों की भागीदारी में और तेजी आई और आवेदन एक करोड़ से अधिक हो गए। इस तरह जियो ने आवेदनों के मामले में पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
₹30,213 करोड़ के IPO को 6.89 गुना सब्सक्रिप्शन
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ कुल ₹30,213 करोड़ का है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर तक यह कुल 6.89 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। इसका मतलब है कि निवेशकों की ओर से निर्धारित शेयरों के मुकाबले करीब 6.89 गुना मांग दर्ज की गई।
संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में सबसे ज्यादा मांग देखने को मिली। QIB कैटेगरी 14.38 गुना सब्सक्राइब हुई। इसके अलावा गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी में 9.38 गुना अभिदान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से आईपीओ के प्रति बड़े निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी का संकेत मिलता है।
रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों ने भी दिखाई दिलचस्पी
जियो आईपीओ को केवल बड़े संस्थागत निवेशकों से ही नहीं, बल्कि खुदरा निवेशकों और अन्य पात्र श्रेणियों से भी अच्छा समर्थन मिला। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, रिटेल निवेशकों की श्रेणी 2.07 गुना सब्सक्राइब हुई।
वहीं, रिलायंस के कर्मचारियों के लिए आरक्षित कोटा 2.48 गुना और शेयरधारक कोटा 5.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। इस तरह आईपीओ की सभी प्रमुख श्रेणियों में निर्धारित शेयरों के मुकाबले अधिक मांग दर्ज की गई।
21 अक्टूबर को खुला था IPO, आज आखिरी मौका
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को खुला था। पहले ही दिन इसे 3.16 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। दूसरे दिन यानी 22 अक्टूबर को कुल सब्सक्रिप्शन बढ़कर 5.57 गुना पहुंच गया। तीसरे दिन आवेदनों की संख्या एक करोड़ के पार निकल गई और कुल सब्सक्रिप्शन भी बढ़कर 6.89 गुना हो गया।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को इस आईपीओ में आवेदन का अंतिम दिन है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शाम 7 बजे तक बिडिंग खुली रहेगी। अंतिम दिन भी निवेशकों की ओर से मांग जारी रहने के कारण समापन तक आवेदन और सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों में बदलाव संभव है।
अब अंतिम आंकड़ों और शेयर अलॉटमेंट पर नजर
जियो आईपीओ के लिए एक करोड़ से अधिक आवेदन आना भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हालांकि, अधिक सब्सक्रिप्शन का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक आवेदक को शेयर आवंटित होंगे। शेयर अलॉटमेंट संबंधित श्रेणी, उपलब्ध शेयरों और निर्धारित आवंटन प्रक्रिया के अनुसार होगा।
अब निवेशकों की नजर आईपीओ के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों, शेयर आवंटन की स्थिति और शेयर बाजार में इसकी संभावित लिस्टिंग पर रहेगी।


