धनबाद के झरिया थाना क्षेत्र स्थित कतरास मोड़ पर पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले ने अब भावुक मोड़ ले लिया है। कतरास पथराव कांड में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक के घर में मातम जैसा माहौल है। एक कच्चे मकान में बैठी युवती फूट-फूटकर रोते हुए अपने भाई की बेगुनाही की दुहाई दे रही है। बार-बार सिसकियों में टूटती उसकी आवाज़ बता रही है कि कतरास केस में यह गिरफ्तारी परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं है।
कतरास मोड़ पर 12 जुलाई को हुई थी घटना
मामला 12 जुलाई का है, जब कतरास मोड़ स्थित लाइसेंसी शराब दुकान के बाहर कुछ युवक कार के बोनट पर बैठकर खुलेआम शराब पी रहे थे। गश्त पर निकली पुलिस टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो मामला बिगड़ गया। आरोप है कि युवकों ने पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज और हाथापाई की, इसके बाद जुटी भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसमें कतरास इलाके में गश्ती वाहन का शीशा टूटा और कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
कतरास केस में पुलिस अपने रुख पर अडिग
परिवार की गुहार के उलट पुलिस कतरास मामले में अपने रुख पर कायम है। एसडीपीओ के अनुसार सोनू कुमार भुईया, राजेश भुईया, आनंद गुलगुलिया, लेवलटी गुलगुलिया और विजय भुईयां को पुख्ता सबूतों के आधार पर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। घटना में इस्तेमाल कार भी जब्त की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि कतरास से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश जारी है और शराब दुकान संचालकों को भी दुकान के बाहर शराबखोरी रोकने की सख्त चेतावनी दी गई है।
एक तरफ परिवार की आंखों में आंसू हैं, दूसरी तरफ कतरास में वर्दी पर हाथ उठाने वालों के खिलाफ पुलिस की सख्ती जारी है — अब देखना होगा कि कतरास कांड की जांच में सच्चाई किस करवट बैठती है।
