रांची: झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर INDIA गठबंधन के घटक दलों के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को झारखंड मंत्रालय पहुंचा। यहां नेताओं ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर छात्रों से जुड़े मामलों और आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर चर्चा की।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में गठबंधन के नेताओं ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और छात्रों के हितों की रक्षा उसकी प्राथमिकता है। नेताओं ने कहा कि छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन का सम्मान किया जाएगा, लेकिन आंदोलन की आड़ में अगर कोई अराजकता फैलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
छात्रों और असामाजिक तत्वों को अलग करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव के सामने मांग रखी कि आंदोलन में शामिल छात्रों और अराजकता फैलाने वाले लोगों की पहचान अलग-अलग की जाए। इसके लिए नेताओं ने मुख्य सचिव को वीडियो फुटेज भी सौंपे हैं।
गठबंधन नेताओं का कहना है कि वीडियो के आधार पर दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई छात्र भी हिंसा या अराजक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
आंदोलन को भटकाने का लगाया आरोप
नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक तत्व छात्र आंदोलन को दूसरी दिशा में ले जाने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं का समाधान जरूरी है, लेकिन आंदोलन के नाम पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।
CGL समेत परीक्षा मामलों में तेजी की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने सीआईडी जांच में तेजी लाने की मांग की। खास तौर पर CGL समेत परीक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शी और निर्णायक कार्रवाई पर जोर दिया गया।
गठबंधन नेताओं ने बताया कि जांच एजेंसियां पहले से ही मामले की जांच कर रही हैं। कई आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ भी जारी है। नेताओं ने कहा कि जांच जल्द पूरी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि छात्रों के बीच भरोसा बना रहे।
48 घंटे में कार्रवाई की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मांग की कि अराजकता फैलाने वाले लोगों के खिलाफ 48 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई की जाए। नेताओं का कहना है कि इससे कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ छात्रों का भरोसा भी कायम रहेगा।
गठबंधन नेताओं ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और किसी भी स्थिति में उनके भविष्य के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा भी जताया गया।
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