Wednesday, September 9

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक और व्यवस्थागत संरचना में हो रहे बदलावों का असर अब जमीनी स्तर पर भी साफ नजर आने लगा है। अलग-अलग शिकायतों और आरोपों के चलते राम मंदिर की व्यवस्थाओं से हटाए गए तीन कर्मचारियों की दोबारा वापसी कर दी गई है। यह फैसला नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के कार्यभार संभालने के बाद लिया गया है।

किन कर्मचारियों को मिली वापसी

पुराने दायित्वों के साथ जिन कर्मचारियों को दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनमें कारसेवक वासुदेव गुप्ता के बेटे संदीप गुप्ता के अलावा केडी तिवारी और बजरंग पाठक शामिल हैं। इन कर्मचारियों की वापसी को राम मंदिर ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था में हो रहे बदलावों से सीधे तौर पर जोड़कर देखा जा रहा है।

शिकायतों के बाद हटाए गए थे कर्मचारी

राम मंदिर परिसर और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं में पहले अलग-अलग कारणों और शिकायतों के आधार पर इन कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों से हटाया गया था। इनमें संदीप गुप्ता का मामला विशेष रूप से चर्चा में रहा था। वे तीर्थयात्री सेवा केंद्र में लंगर व्यवस्था से जुड़े थे और एक विदेशी महिला की शिकायत के बाद उन्हें उनकी जिम्मेदारी से हटा दिया गया था। बताया गया कि लंगर में सामान रखने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद विदेशी महिला ने ट्रस्ट से इसकी शिकायत की थी।

नई व्यवस्था में फिर मिली जिम्मेदारी

अब राम मंदिर ट्रस्ट में बदलाव के इस दौर में संदीप गुप्ता की वापसी हुई है। उनके साथ केडी तिवारी और बजरंग पाठक को भी पुराने दायित्वों के साथ बहाल किया गया है। स्वामी गोविंद देव गिरि के कार्यभार संभालने के बाद से ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं में धीरे-धीरे नए फैसले लिए जा रहे हैं, और तीन कर्मचारियों की वापसी को भी इसी कड़ी का अहम फैसला माना जा रहा है।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच व्यवस्थाओं में बदलाव

राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए ट्रस्ट के सामने दर्शन, सुरक्षा, तीर्थयात्री सुविधाओं और सेवा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियों के पुनर्गठन और कर्मचारियों की तैनाती से जुड़े फैसले महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। हटाए गए कर्मचारियों की वापसी से यह भी साफ है कि ट्रस्ट अब अपनी पुरानी व्यवस्थाओं की नए सिरे से समीक्षा कर रहा है।

बढ़ी चर्चा, आगे और बदलाव संभव

तीन कर्मचारियों को दोबारा जिम्मेदारी दिए जाने के बाद राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक फैसलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खासतौर पर संदीप गुप्ता की वापसी को अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें विदेशी महिला की शिकायत के बाद हटाया गया था। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ट्रस्ट की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों में अन्य स्तरों पर भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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