Friday, October 23

रांची। विजयादशमी पर्व से पहले अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ रांची उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने 16 अक्टूबर 2026 को इटकी थाना क्षेत्र के नारी गांव में छापेमारी कर विदेशी शराब की अवैध पैकेजिंग और बॉटलिंग का खुलासा किया। विभाग के अनुसार, सुरेंद्र साहू के पुराने और जर्जर आवासीय परिसर में यह गतिविधि संचालित की जा रही थी। यहां झारखंड में बिक्री के लिए प्रतिबंधित सस्ते ब्रांड की विदेशी शराब को प्रचलित ब्रांडों की बोतलों में भरकर पैक किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान कुल 27 लीटर विदेशी शराब के साथ बोतलें, ढक्कन, सीलिंग कॉर्क, लेबल और अन्य सामग्री जब्त की गई। इस मामले में कथित रूप से संलिप्त सुरेंद्र साहू और विजय साहू छापेमारी के दौरान फरार पाए गए।

प्रतिबंधित शराब को दूसरे ब्रांड की बोतलों में भरने का आरोप

उत्पाद विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, उपायुक्त और सहायक आयुक्त उत्पाद के निर्देश पर विजयादशमी पर्व को देखते हुए अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण और बिक्री के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुप्त सूचना मिलने पर उत्पाद विभाग की टीम ने नारी गांव में कार्रवाई की।

जांच के दौरान सामने आया कि पुराने आवासीय परिसर में झारखंड में बिक्री के लिए प्रतिबंधित सस्ते ब्रांड की विदेशी शराब को दूसरे प्रचलित ब्रांडों की बोतलों में भरकर सीलबंद किया जा रहा था। इस प्रक्रिया के जरिए शराब को असली ब्रांड के उत्पाद की तरह प्रस्तुत करने की तैयारी थी। विभाग ने मौके से शराब और बॉटलिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की है।

रॉयल मेंशन गोल्ड और रॉयल स्टैग की बोतलें जब्त

छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग की टीम को अलग-अलग ब्रांडों की शराब की बोतलें मिलीं। बरामद सामग्री में रॉयल मेंशन गोल्ड व्हिस्की की 750 मिलीलीटर वाली पीईटी बोतलों की दो पेटियां शामिल हैं, जिनमें कुल 24 बोतलें थीं। इसके अलावा रिफिल की गई रॉयल स्टैग व्हिस्की की 375 मिलीलीटर वाली 24 बोतलें भी जब्त की गईं।

विभाग के अनुसार, मौके से कुल 27 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। शराब की बोतलों के अलावा बड़ी संख्या में विभिन्न ब्रांडों की खाली बोतलें, ढक्कन, बोतलों को सीलबंद करने वाले कॉर्क और बोतलों पर चिपकाने के लिए रखे गए अलग-अलग ब्रांडों के लेबल भी मिले।

इसके साथ ही नकली उत्पाद आसंजक यानी लेबल चिपकाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जब्त की गई। इतनी बड़ी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री की बरामदगी से मौके पर शराब की रीफिलिंग और बोतलबंदी किए जाने की बात सामने आई है।

छापेमारी के दौरान फरार मिले सुरेंद्र साहू और विजय साहू

उत्पाद विभाग के मुताबिक, अवैध रूप से शराब की रीफिलिंग और बोतलबंदी की गतिविधि में सहभागी बताए गए सुरेंद्र साहू और विजय साहू छापेमारी के समय घटनास्थल से फरार पाए गए। विभाग मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है।

फिलहाल दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि इस गतिविधि में और कौन लोग शामिल थे तथा कथित तौर पर तैयार की जा रही शराब की आपूर्ति कहां की जानी थी।

उत्पाद निरीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

नारी गांव में की गई इस छापेमारी में उत्पाद विभाग, रांची के निरीक्षक संजय कुमार, अवर निरीक्षक श्वेता कुमारी, उत्पाद सिपाही, प्रतिनियुक्त उत्पाद आरक्षी और गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे। टीम ने मौके से शराब और बॉटलिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त की।

विजयादशमी से पहले हुई इस कार्रवाई को अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नकली लेबल और दूसरे ब्रांडों की बोतलों के जरिए शराब की बिक्री उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकती है। ऐसे में विभाग की जांच के जरिए पूरे मामले और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

Share.
Next Story
रांची में 10 से 12 दिसंबर तक होगा नेशनल फॉरेस्ट्री कांग्रेस का आयोजन, वन और पर्यावरण से जुड़े 12 विषयों पर होगी चर्चा
Exit mobile version