Friday, October 23

चतरा: आम्रपाली कोल परियोजना में जमीन के मुआवजे को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। रैयतों का आरोप है कि जमीन का मुआवजा दिए बिना ही NCC कंपनी उत्खनन की तैयारी में जुट गई। ग्रामीणों के मुताबिक, कंपनी के कर्मी बुलडोजर लेकर विवादित जमीन पर पहुंचे थे। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और स्थिति को संभाला।

विवाद के केंद्र में करीब तीन एकड़ जमीन है। रैयतों का दावा है कि उन्हें अब तक जमीन का मुआवजा नहीं मिला है, इसके बावजूद वहां खनन की कोशिश की जा रही थी। इस घटना के बाद प्रभावित ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका सवाल है कि जब जमीन के मुआवजे का मामला स्पष्ट नहीं है, तो वहां उत्खनन की तैयारी किस आधार पर की जा रही है?

प्रशासन ने मांगे जमीन के दस्तावेज

मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय ने सभी आपत्तिकर्ताओं को जमीन के स्वामित्व से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दस्तावेजों की पारदर्शी तरीके से जांच कर मामले का जल्द निष्पादन किया जाएगा।

मुआवजे के विवाद के बीच खनन की तैयारी पर सवाल

आम्रपाली परियोजना में जमीन को लेकर उठे इस विवाद ने मुआवजा भुगतान और उत्खनन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह जांच का विषय है कि विवादित जमीन का स्वामित्व किसके पास है, मुआवजे की स्थिति क्या है और वहां उत्खनन की तैयारी किन आधारों पर की जा रही थी।

फिलहाल, प्रशासन ने दस्तावेजों के आधार पर मामले के निष्पादन का भरोसा दिया है। वहीं, रैयतों की आपत्तियों और मुआवजे से जुड़े दावों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

Share.
Next Story
फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए हमले पर खूंटी में नहीं थमा आक्रोश, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित की गई SIT कि टीम…आज निकलेगा मौन जुलूस
Exit mobile version