रांची। अबुआ अधिकार मंच, झारखंड के यूथ एंड स्टूडेंट वेलफेयर प्रभारी अभिषेक शुक्ला ने रांची नगर निगम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर राजधानी में संचालित हॉस्टलों एवं लॉजों की व्यापक जाँच कराने तथा सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षा एवं संचालन मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
अभिषेक शुक्ला ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा लागू “धर्मशाला/विवाह भवन/बैंक्वेट हॉल/लॉज एवं हॉस्टल अनुज्ञप्ति नियमावली, 2013” के तहत हॉस्टलों एवं लॉजों के संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। इसके बावजूद राजधानी रांची के चडरी, लालपुर, थड़पखना, चुटिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई हॉस्टल एवं लॉज आवश्यक मानकों की अनदेखी करते हुए संचालित हो रहे हैं, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं हित प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई हॉस्टल अत्यंत संकरे मार्गों एवं भीड़भाड़ वाले इलाकों में संचालित हैं, जहाँ किसी आपात स्थिति में दमकल या राहत-बचाव वाहनों का समय पर पहुँचना कठिन हो सकता है। ऐसी स्थिति में आगजनी अथवा अन्य दुर्घटना होने पर गंभीर जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अभिषेक शुक्ला ने कहा कि हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रावासों, होटलों, कोचिंग संस्थानों एवं अन्य सामूहिक आवासीय परिसरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण कई गंभीर दुर्घटनाएँ हुई हैं। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास व्यवस्था एवं भवन सुरक्षा मानकों का पालन जीवन रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसलिए राजधानी के सभी हॉस्टलों एवं लॉजों की विशेष जाँच कर उनकी वैध लाइसेंसिंग, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जानी चाहिए।
अबुआ अधिकार मंच ने नगर निगम से मांग की है कि एक उच्चस्तरीय जाँच समिति गठित कर राजधानी के सभी हॉस्टलों एवं लॉजों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। जो संस्थान नियमावली, 2013 तथा अन्य लागू सुरक्षा एवं अग्निशमन मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन संस्थानों के पास आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं हैं या जो निर्धारित फायर सेफ्टी मानकों को पूरा नहीं करते, उनके संचालन पर नियमों के अनुरूप रोक लगाने की कार्रवाई की जाए।
अभिषेक शुक्ला ने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। नगर निगम को इस दिशा में शीघ्र एवं प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके तथा राजधानी रांची में सुरक्षित, व्यवस्थित एवं मानक अनुरूप आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।



