Wednesday, September 9

रांची: अब मौसम विभाग सिर्फ यह नहीं बताएगा कि कितनी बारिश हुई, बल्कि बारिश किस तरह हुई, इसकी भी सटीक जानकारी मिल सकेगी। रांची मौसम केंद्र में बिहार-झारखंड क्षेत्र का पहला डिस्ट्रोमीटर स्थापित किया गया है। यह अत्याधुनिक सेंसर बारिश की हर बूंद का अलग-अलग हिसाब रखेगा।

आम तौर पर बारिश मापने वाली मशीन यह बताती है कि किसी तय समय में कितने मिलीमीटर बारिश हुई। लेकिन डिस्ट्रोमीटर इससे कहीं ज्यादा जानकारी जुटाएगा। यह बारिश की बूंदों का आकार, संख्या, घनत्व और उनके गिरने की रफ्तार तक रिकॉर्ड करेगा।

हल्की बारिश और तेज बारिश में फर्क समझने में मिलेगी मदद

इस सेंसर की मदद से यह पता लगाना आसान होगा कि बारिश लंबे समय तक हल्की रही या कम समय में बहुत तेज बारिश हुई। कम समय में तेज बारिश होने पर नालों में अचानक पानी बढ़ने, जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ जाता है।

ऐसे में बारिश की बूंदों से जुड़ा यह आंकड़ा मौसम के मिजाज को समझने और भारी बारिश से होने वाले संभावित खतरों का आकलन करने में काफी काम आ सकता है।

बारिश की हर बूंद पर रहेगी नजर

मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर अभिषेक आनंद के मुताबिक, डिस्ट्रोमीटर एक सेंसर आधारित उपकरण है, जो बारिश की हर बूंद के आकार और उसके गिरने की गति को अलग-अलग दर्ज करता है।

रांची स्थित भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम केंद्र में लगाए गए इस उपकरण से बारिश के अलग-अलग पैटर्न को समझने में मदद मिलेगी। खास तौर पर खतरनाक तरीके से होने वाली बारिश की पहचान और उसके असर का आकलन करने में इससे मिलने वाला डेटा महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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