रांची/देवघर: रिखिया शाखा के एक ग्राहक की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने आपसी समन्वय से उन्हें अस्पताल में ही बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई। रिखिया शाखा के खाताधारक अनिल यादव इलाज के लिए रांची स्थित मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती थे। उनकी तबीयत ऐसी थी कि वे बैंक शाखा में जाकर खुद रकम नहीं निकाल पा रहे थे। उन्होंने एटीएम और मोबाइल बैंकिंग जैसी वैकल्पिक सुविधाओं का भी इस्तेमाल नहीं किया था।
अनिल यादव के परिवार से जब रिखिया शाखा के प्रबंधक कुमुद कुमार कुमुद को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने तत्काल रांची क्षेत्र की बूटी मोड़ शाखा से संपर्क किया। इसके बाद दोनों शाखाओं और उच्च प्रबंधन के बीच समन्वय बनाकर ग्राहक के लिए रकम उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बैंक अधिकारी खुद अस्पताल पहुंचे
बूटी मोड़ शाखा के तत्कालीन प्रबंधक राहुल गौरव स्वयं मेदांता हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद अनिल यादव के परिवार को रकम उपलब्ध कराई। इससे परिवार को इलाज के दौरान पैसों की जरूरत पूरी करने में मदद मिली और इलाज में आर्थिक कारणों से रुकावट आने की स्थिति नहीं बनी।
करीब 300 किलोमीटर की दूरी के बावजूद हुआ समन्वय
इस पूरे मामले में देवघर और रांची क्षेत्र की शाखाओं के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। दोनों क्षेत्र एक-दूसरे से करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर हैं, इसके बावजूद बैंक के कर्मचारियों और उच्च प्रबंधन ने मिलकर ग्राहक तक जरूरी बैंकिंग सुविधा पहुंचाई।
बैंक की ओर से कहा गया कि कठिन परिस्थिति में कर्मचारियों ने दूरी को बाधा नहीं बनने दिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राहक की मदद की। बैंक ने इसे ग्राहक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।
इस पहल में रिखिया शाखा के प्रबंधक कुमुद कुमार कुमुद और बूटी मोड़ शाखा के तत्कालीन प्रबंधक राहुल गौरव की भूमिका रही।
