Tuesday, September 22

रांची, 21 जुलाई 2026। झारखंड की पुलिस महानिदेशक श्रीमती तदाशा मिश्र ने आज पुलिस मुख्यालय सभागार से पूर्वी क्षेत्रीय परिषद समन्वय समिति (ERPCC-2026) की बैठक में हिस्सा लिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक भी शामिल हुए। बैठक का एजेंडा व्यापक था — अंतर्राज्यीय अपराधों पर लगाम, नक्सल उन्मूलन, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध, रेलवे सुरक्षा और जीरो एफ०आई०आर० व्यवस्था को मजबूत बनाना।

सीमावर्ती इलाकों में नक्सल गतिविधियों पर सतर्कता

बैठक की शुरुआत में झारखंड की डीजीपी ने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और चुनौतियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि झारखंड-ओडिशा, झारखंड-पश्चिम बंगाल, झारखंड-छत्तीसगढ़ और झारखंड-बिहार की सीमाओं पर नक्सल गतिविधियों पर काबू पाने के लिए संयुक्त अभियान, निरंतर सूचना का आदान-प्रदान और हर स्तर पर नियमित समन्वय बैठकें अनिवार्य हैं। उनका कहना था कि यही तरीका माओवादी गुटों के दोबारा संगठित होने की किसी भी कोशिश को समय रहते नाकाम कर सकता है।

नशे के कारोबार पर संयुक्त शिकंजा

मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सीमावर्ती राज्यों के बीच संयुक्त चेकपोस्ट और नाकाबंदी लगाने, रियल-टाइम आधार पर सूचनाएं साझा करने और तस्करी नेटवर्क की बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकिंग की गहन जांच पर सहमति बनी। इसके साथ ही एन०सी०ओ०आर०डी० (NCORD) पोर्टल के प्रभावी इस्तेमाल और सिंथेटिक ड्रग्स के नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।

साइबर अपराध से निपटने की साझा रणनीति

साइबर अपराध पर चर्चा बैठक का एक अहम हिस्सा रहा। सभी राज्यों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति व्यक्त की:

  • रियल टाइम डेटा शेयरिंग और अंतर्राज्यीय अनुसंधान में आपसी सहयोग
  • फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई
  • सीमा पार त्वरित लॉजिस्टिक और फील्ड सपोर्ट की व्यवस्था
  • पुलिस बल के लिए नियमित संयुक्त क्षमता निर्माण (Joint Capacity Building) कार्यक्रम

इसके अतिरिक्त साइबर अपराधियों का साझा डेटाबेस तैयार करने, हर राज्य में एक नोडल पदाधिकारी नामित करने, सिम विक्रेताओं का संयुक्त सत्यापन कराने तथा राज्यों के बीच सत्यापन रिपोर्टों के समयबद्ध आदान-प्रदान की जरूरत पर भी बल दिया गया।

जीरो एफ०आई०आर० व्यवस्था की समीक्षा

बैठक में जीरो एफ०आई०आर० के पंजीकरण और अंतर्राज्यीय आदान-प्रदान में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर भी विस्तृत मंथन हुआ। अधिकारियों ने Cri-MAC पोर्टल की तकनीकी खामियों, CCTNS के साथ इसके समुचित एकीकरण की जरूरत, जीरो एफ०आई०आर० की ऑनलाइन ट्रैकिंग में कमियों और न्यायालयों में मूल आवेदन व हस्ताक्षर संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता पर बात रखी।

इन तमाम व्यावहारिक अड़चनों को दूर करने के लिए भारत सरकार और संबंधित एजेंसियों के समक्ष उचित सुझाव भेजने पर सभी राज्यों में सहमति बनी।

साझा संकल्प के साथ बैठक का समापन

बैठक के समापन पर झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशकों ने संगठित अपराध, नक्सलवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, रेल सुरक्षा और साइबर अपराध के खिलाफ संयुक्त एवं समन्वित कार्रवाई को और मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

बैठक में झारखंड डीजीपी के साथ श्री असीम विक्रांत मिंज (पुलिस महानिरीक्षक, अप्रैसल एवं अनुसंधान), श्री नरेन्द्र कुमार सिंह (पुलिस महानिरीक्षक, अभियान), श्री कार्तिक एस० (पुलिस उप-महानिरीक्षक, झारखंड सशस्त्र पुलिस), श्री नौशाद आलम (पुलिस उप-महानिरीक्षक, विशेष शाखा), श्री हरविंदर सिंह (पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा), श्री दीपक कुमार शर्मा (पुलिस अधीक्षक, अभियान) और श्री सौरव (पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा) मौजूद रहे।

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