Wednesday, September 9

रांची। दिल्ली के साकेत थाना क्षेत्र में दो महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले को लेकर देशभर में पत्रकार संगठनों के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में शनिवार को रांची के फिरायालाल चौक पर पत्रकारों ने विरोध-प्रदर्शन किया। सहाफी एसोसिएशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए।

दरअसल, 3 सितंबर को दिल्ली के साकेत इलाके में रिपोर्टिंग करने पहुंची महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें हिरासत में लेकर साकेत थाने पहुंचाया और वहां उनके साथ मारपीट की गई। दोनों पत्रकारों के आरोपों के बाद प्रेस क्लब ऑफ इंडिया समेत कई प्रमुख पत्रकार संगठनों ने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बताया है।

रांची में पत्रकारों ने जताया विरोध

इसी मामले के विरोध में रांची के फिरायालाल चौक पर पत्रकारों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और महिला पत्रकारों को न्याय दिलाने की मांग की।

पत्रकारों ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। पत्रकारों का काम सवाल पूछना, तथ्यों को सामने लाना और आम लोगों की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना है। ऐसे में पत्रकारों के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार की कोई भी घटना गंभीर चिंता का विषय है।

प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने “न्याय दो, सुरक्षा दो”, “पत्रकार पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है”, “महिला पत्रकार की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी” और “चुप्पी तोड़ो, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाओ” जैसे नारे लगाए।

निष्पक्ष जांच की मांग

प्रदर्शन में शामिल पत्रकारों ने कहा कि किसी भी पत्रकार को अपना काम करने के दौरान डर या दबाव का सामना नहीं करना चाहिए। विशेष रूप से महिला पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है।

वक्ताओं ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। पत्रकारों ने कहा कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों से ही यदि पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगें, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

बड़ी संख्या में पत्रकार हुए शामिल

प्रदर्शन में रांची प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष राजेश सिंह, सुरेंद्र सोरेन, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी, रांची प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष विपिन उपाध्याय, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष जावेद अख्तर, उपाध्यक्ष वसीम आलम, सैयद रमीज, शाहीन अहमद, गुलाम शाहिद, फिरोज जिलानी, आसिफ नईम, रिजवी, असफर नवाज, दानिश अयाज, राही, मो. इमरान, संजीत झा, मो. रिजवान, अलीशा समेत सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहे।

प्रदर्शन के अंत में पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही देशभर में पत्रकारों के साथ होने वाली हिंसा और दुर्व्यवहार की घटनाओं के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।

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