Wednesday, September 23

रांची विश्वविद्यालय की ओर से हाल में जारी तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि आदेश तैयार करने से पहले कर्मचारियों की मौजूदा पदस्थापना की जानकारी को ठीक से अपडेट या सत्यापित नहीं किया गया। मामला कर्मचारी असलम ईमाम की पदस्थापना से जुड़ा है।

विश्वविद्यालय के ज्ञापांक संख्या RU/R/8268/26 से जारी स्थानांतरण आदेश में असलम ईमाम का वर्तमान पदस्थापन ‘ईडीपी सीओ, रांची विश्वविद्यालय’ बताया गया है। वहीं, उपलब्ध पूर्व के आधिकारिक घटनाक्रम के आधार पर दावा किया जा रहा है कि उन्हें पहले ही ‘Cencus Office in Library’ यानी लाइब्रेरी के सेंसस ऑफिस में स्थानांतरित और पदस्थापित किया जा चुका है।

पुराने रिकॉर्ड के आधार पर तैयार हुआ आदेश?

मामले को लेकर सवाल यह उठ रहा है कि अगर कर्मचारी की पदस्थापना पहले ही बदल चुकी थी, तो स्थानांतरण आदेश में उनका पुराना विभाग कैसे दर्ज रह गया। इसे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक रिकॉर्ड और कर्मचारियों की वर्तमान तैनाती से जुड़ी जानकारी के अपडेट होने से जोड़कर देखा जा रहा है।

किसी कर्मचारी का तबादला किए जाने से पहले उसके मौजूदा विभाग और पदस्थापन की जानकारी की जांच जरूरी होती है। ऐसे में रिकॉर्ड में पुरानी जानकारी दर्ज रहने से जारी आदेश की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थापना शाखा और रिकॉर्ड व्यवस्था पर उठे सवाल

इस मामले ने विश्वविद्यालय के स्थापना अनुभाग और कर्मचारियों से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि कर्मचारियों की वर्तमान पदस्थापना की जानकारी समय पर रिकॉर्ड में अपडेट नहीं की जा रही है और अलग-अलग स्तरों के बीच समन्वय की कमी का असर प्रशासनिक आदेशों पर पड़ रहा है।

हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस कथित गड़बड़ी पर क्या स्पष्टीकरण दिया गया है, यह सामने नहीं आया है।

छात्र प्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने जताई आपत्ति

मामले को लेकर छात्र प्रतिनिधियों और कुछ कर्मचारियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि प्रशासनिक आदेश जारी करने से पहले संबंधित कर्मचारी की वास्तविक पदस्थापना की जानकारी की पुष्टि होनी चाहिए।

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति से मांग की है कि मामले की जांच कर रिकॉर्ड में मौजूद गलतियों को सुधारा जाए और भविष्य में तबादले या पदस्थापना से जुड़े आदेश जारी करने से पहले संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाए।

अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और संबंधित रिकॉर्ड में सुधार को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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