राजधानी रांची में शहर को हरा-भरा बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नगर निगम ने विभिन्न इलाकों में हरियाली विकसित करने के मकसद से लगभग 2.85 करोड़ रुपये मूल्य के टेंडर आमंत्रित किए हैं। इस पहल का दायरा शहर के कई महत्वपूर्ण चौराहों और सड़कों तक फैला है – चुटिया, रेलवे स्टेशन परिसर, कोकर, कांटाटोली, डोरंडा, हटिया, हरमू, अरगोड़ा, बिरसा चौक, कडरू और पंडरा।
चार अलग-अलग हिस्सों बांटकर बजट
निगम ने इस काम को चार अलग-अलग हिस्सों में बांटकर बजट तय किया है। सबसे ज्यादा राशि, यानी 84.37 लाख रुपये, चुटिया-रेलवे स्टेशन-कोकर क्षेत्र के लिए रखी गई है। कांटाटोली, डोरंडा और हटिया के लिए 57.71 लाख रुपये तय हुए हैं, जबकि सहजानंद चौक से लेकर हरमू, अरगोड़ा, बिरसा चौक और कडरू तक के इलाके के लिए 60.49 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। दीनदयाल चौक, जज कालोनी, साहदेव चौक और पंडरा क्षेत्र के लिए 83.25 लाख रुपये आवंटित हैं। खास बात यह है कि निर्माण पूरा होने के बाद भी संबंधित एजेंसी को एक साल तक हरियाली की देखभाल करनी होगी।
संयोजक मिंटू पासवान ने बताया
इसी बीच शहर के एक हिस्से में विकास बनाम विरासत की बहस तेज हो गई है। प्रस्तावित 10 लेन सड़क परियोजना के खिलाफ बस्ती बचाओ संघर्ष समिति सड़क पर उतर आई है। जगन्नाथपुर चौक पर आयोजित सभा में समिति ने चेतावनी दी कि यह सड़क बनने से न सिर्फ स्थानीय बस्ती और स्कूल प्रभावित होंगे, बल्कि सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपराएं भी खतरे में पड़ जाएंगी। संयोजक मिंटू पासवान ने बताया कि 1691 में स्थापित प्राचीन देवी मंदिर, लगभग 50 साल पुराना दुर्गा मंदिर, और क्षेत्र की मशहूर रथ यात्रा व मेला इन सबकी सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं।
समिति ने सरकार से मांग की है कि सड़क योजना को रद्द कर फ्लाईओवर जैसे वैकल्पिक समाधान पर विचार किया जाए। इस मुद्दे पर आगे दबाव बनाने के लिए 7 सितंबर को शहीद मैदान में बड़ा धरना आयोजित करने का फैसला लिया गया है।
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