Monday, September 21

रांची: झारखंड में थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और गंभीर एनीमिया से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब ऐसे मरीजों को सिर्फ सरकारी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आयुष्मान भारत और अबुआ स्वास्थ्य कार्ड वाले मरीजों को सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी मुफ्त खून चढ़ाने की सुविधा मिलेगी।

झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों में इस सुविधा को लागू करने के लिए अलग-अलग इलाज के पैकेज और उनकी दरें भी तय कर दी हैं। इसका मकसद जरूरतमंद मरीजों को अपने जिले या आसपास के इलाके में ही इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है।

नियमित खून चढ़ाने वाले मरीजों को होगा फायदा

थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसी बीमारियों में मरीजों को बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में इलाज के लिए दूर के बड़े अस्पतालों तक जाना मरीजों और उनके परिवारों के लिए परेशानी का कारण बनता है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस फैसले को मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि मरीजों को घर और जिले के आसपास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने और राज्य में बीमारी की जांच का दायरा बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च सरकार देगी

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था से गरीब मरीजों को काफी फायदा होगा। इलाज के लिए दूर जाने पर होने वाला समय और आने-जाने का खर्च भी बचेगा।

इसके साथ ही सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को इलाज के बदले समय पर भुगतान करने की व्यवस्था भी की गई है।

अलग-अलग इलाज के लिए तय की गई दर

स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के लिए कई पैकेज और उनकी दरें तय की हैं।

  • रूटीन वार्ड: 2,100 रुपये
  • हाई डिपेंडेंसी यूनिट: 3,300 रुपये
  • बिना वेंटिलेटर ICU: 8,500 रुपये
  • वेंटिलेटर सहित ICU: 9,000 रुपये

थैलेसीमिया मरीजों के लिए डे-केयर और अधिकतम एक दिन के पैकेज में खून चढ़ाने के साथ CBC, LFT, KFT और सीरम फेरिटिन जैसी जांचें शामिल होंगी। इसके अलावा 15 दिनों की आयरन की दवाएं भी पैकेज में शामिल हैं। इसकी दर 2,300 से 3,200 रुपये तक तय की गई है।

बच्चों के गंभीर एनीमिया के लिए भी पैकेज

बच्चों में गंभीर एनीमिया के इलाज के लिए भी अलग पैकेज तय किए गए हैं। इनकी दर 2,300 से 3,000 रुपये तक रखी गई है।

वहीं, एप्लास्टिक एनीमिया के इलाज के लिए सरकार ने 5 लाख रुपये तक का पैकेज तय किया है।

बड़े शहरों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत

नई व्यवस्था लागू होने के बाद झारखंड के थैलेसीमिया और सिकल सेल मरीजों को इलाज और खून चढ़ाने के लिए बार-बार बड़े शहरों या दूर-दराज के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। आयुष्मान भारत और अबुआ स्वास्थ्य कार्ड के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी उन्हें यह सुविधा मिल सकेगी।

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान होने वाली परेशानी और अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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