बोकारो, 16 सितंबर: बच्चों की पढ़ाई, उनके सपनों और स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने बुधवार को चंदनकियारी प्रखंड का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने राजकीय मध्य विद्यालय भोजुडीह में बच्चों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई, रुचि और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत सचिवालय और मनरेगा के तहत की गई आम बागवानी का भी निरीक्षण किया।
विद्यालय में उपायुक्त ने कक्षा एक, दो, तीन और आठ के विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी कॉपियां देखकर पढ़ाई की स्थिति जानी। कक्षा तीन की छात्रा रूपा कुमारी की सुंदर हस्तलिपि देखकर उन्होंने उसकी सराहना की। वहीं कक्षा दो के छात्र मेहराब हुसैन आलम ने झारखंड के सभी 24 जिलों के नाम सुनाए। बच्चे के आत्मविश्वास और जानकारी से प्रभावित होकर उपायुक्त ने उसका उत्साह बढ़ाया।
कक्षा आठ के विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान जब उपायुक्त ने पूछा कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं, तो कुछ बच्चों ने अभी लक्ष्य तय नहीं होने की बात कही। वहीं एक छात्र ने सेना में जाने की इच्छा जताई। इस पर उपायुक्त ने बच्चों को अपने लक्ष्य को लेकर अभी से सोचने और अपनी रुचि पहचानकर उसके लिए मेहनत करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि कक्षा आठ, नौ और दस का समय विद्यार्थियों के भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान की गई मेहनत आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ देश के इतिहास, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और समाज के बारे में भी जानकारी हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
450-500 बच्चों के स्कूल में अतिरिक्त जगह की जरूरत
विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने पाया कि यहां करीब 450 से 500 बच्चे पढ़ते हैं, जबकि उपलब्ध स्थान सीमित है। फिलहाल डीएमएफटी मद से अतिरिक्त कक्षा-कक्ष का निर्माण कराया जा रहा है। बच्चों की संख्या को देखते हुए भविष्य में और स्थान की जरूरत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने आसपास उपलब्ध सरकारी जमीन की संभावनाओं की जांच कराने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की शिक्षा का सफर आंगनबाड़ी से प्राथमिक विद्यालय, फिर मध्य विद्यालय और उसके बाद उच्च विद्यालय तक बिना रुकावट जारी रहना चाहिए। किसी बच्चे की पढ़ाई बीच में न छूटे, यह सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिले में बच्चों के नामांकन और उनकी पढ़ाई की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
स्मार्ट क्लास और स्कूल की सुविधाओं का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मध्याह्न भोजन, साफ-सफाई और स्मार्ट क्लास के निर्माण की स्थिति भी देखी। उन्होंने शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और स्मार्ट क्लास का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा का लाभ मिल सके।
इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र यानी नंदघर भोजुडीह, ऊपरकुल्ही का निरीक्षण किया। यहां बच्चों की उपस्थिति, केंद्र की व्यवस्था और पोषण संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली। पोषण माह के तहत आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने श्रीमती पायल रजवार को शुभकामनाएं दीं और पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया।
केंद्र में पेयजल की समस्या को देखते हुए उपायुक्त ने पास के चापाकल को नल-जल व्यवस्था से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने बीडीओ को यह काम अगले 15 दिनों में पूरा कराने को कहा।
पंचायत सचिवालय में सेवाओं और साफ-सफाई पर जोर
उपायुक्त ने पंचायत सचिवालय भोजुडीह पूर्वी का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने आधार, बैंकिंग, जाति प्रमाण-पत्र, आवासीय प्रमाण-पत्र समेत आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं की जानकारी ली। पंचायत सेवक और मुखिया को सरकारी सेवाएं लोगों तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने का निर्देश दिया।
उन्होंने पंचायत भवन परिसर को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने पर भी जोर दिया। उपायुक्त ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में भी झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय पहचान नजर आनी चाहिए। इसके लिए परिसर में साफ-सफाई, पौधारोपण और सौंदर्यीकरण कराने का निर्देश दिया।
महिला मुखिया से बातचीत के दौरान उन्होंने पंचायत के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने, योजनाओं की जानकारी हासिल करने और जिम्मेदारी के साथ नेतृत्व करने की बात कही। उन्होंने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों का सक्रिय नेतृत्व महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर मजबूती देगा।
दो एकड़ में आम की बागवानी का किया निरीक्षण
क्षेत्र भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने मनरेगा के तहत दो एकड़ में की गई आम बागवानी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने धनेश्वर कुमार महतो और शीतला देवी की बागवानी में पौधों की स्थिति देखी और घास की सफाई व नियमित रखरखाव का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत तैयार की गई परिसंपत्तियां सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इनसे परिवारों की आजीविका मजबूत हो और ग्रामीणों के जीवन में स्थायी बदलाव आए, यह भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन, चंदनकियारी बीडीओ अजय वर्मा, सीओ रवि आनंद, एपीआरओ अविनाश कुमार, एसएओ पंकज दुबे समेत अन्य अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
इसे भी पढ़े – झारखंड के स्टार्टअप्स को मिला नया प्लेटफॉर्म, Ranchi में 75 से ज्यादा फाउंडर्स हुए शामिल
