सितंबर का महीना इस बार आस्था, उल्लास और धार्मिक अनुष्ठानों से सराबोर रहने वाला है। जन्माष्टमी, हरितालिका तीज, गणेश चतुर्थी, अनंत चतुर्दशी जैसे प्रमुख पर्वों के साथ-साथ माह के अंतिम सप्ताह से पितृपक्ष की भी शुरुआत हो जाएगी। लगातार आने वाले इन पर्व-त्योहारों को देखते हुए कोडरमा जिले में तैयारियां अभी से जोर पकड़ चुकी हैं। टेंट-लाइट संचालकों के साथ-साथ भजन गायकों, कलाकारों और नृत्य-नाटिका टीमों की बुकिंग भी शुरू हो गई है।
27 सितंबर से शुरू होगा पितृपक्ष
ज्योतिषाचार्य अनिल मिश्रा के मुताबिक, 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी, वहीं 14 सितंबर को हरितालिका तीज का व्रत रखा जाएगा। 15 सितंबर से 10 दिवसीय गणेश पूजनोत्सव की शुरुआत होगी, जो अनंत चतुर्दशी यानी 25 सितंबर तक चलेगा। इसके अगले दिन पूर्णिमा के बाद 27 सितंबर से पितृपक्ष का शुभारंभ हो जाएगा। शहर और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में इन पर्वों को लेकर धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां चल रही हैं। खासतौर पर गणेश उत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, नृत्य-नाटिका और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई जा रही है, जिसके लिए आयोजकों ने टेंट, लाइट, साउंड सिस्टम और कलाकारों की बुकिंग पहले ही शुरू कर दी है।
बाजार में भी दिखने लगा त्योहारों का असर
पर्वों की इस लंबी श्रृंखला का असर स्थानीय बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। फल, फूल, पूजन सामग्री और अन्य धार्मिक वस्तुओं की मांग में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए व्यवसायियों ने पर्व के अनुरूप सामान पहले से ही मंगाना शुरू कर दिया है, ताकि त्योहारों के दौरान ग्राहकों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
सितंबर की प्रमुख व्रत-त्योहार तिथियां
4 सितंबर – श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
14 सितंबर – हरितालिका तीज व्रत
15 सितंबर – गणेश चतुर्थी (गणेश उत्सव आरंभ)
18 सितंबर – महालक्ष्मी व्रत आरंभ
19 सितंबर – श्रीराधाष्टमी
25 सितंबर – अनंत चतुर्दशी
26 सितंबर – पूर्णिमा (स्नान-दान व्रत)
27 सितंबर – पितृपक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध)
28-30 सितंबर – द्वितीया से चतुर्थी श्राद्ध
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