अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद की दो दिवसीय बैठक 1 और 2 अक्टूबर को महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में संपन्न हुई। देश के 38 प्रांतों से आए कार्यकारिणी सदस्यों ने इसमें हिस्सा लिया। झारखंड प्रांत का प्रतिनिधित्व छह सदस्यों ने किया।
झारखंड से बैठक में प्रांत अध्यक्ष डॉ. कल्याणी कबीर, उपाध्यक्ष ऐंजिल उपाध्याय और सचिव डॉ. अमूल्य पाल शामिल हुए। सहसचिव और हजारीबाग के मेयर अरविंद राणा भी मौजूद रहे। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिवाजी क्रांति और संगठन मंत्री वी. प्रभु भी प्रतिनिधियों में शामिल थे।
नौ सत्रों में हुआ विचार-विमर्श
दो दिनों में कुल नौ सत्र हुए। बारामती स्थित एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेंद्र दिनकर राव पवार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायणभाई शाह, सचिव जयंत कथीरिया और उपाध्यक्ष अशोक पांडे सहित कई पदाधिकारियों ने अलग-अलग सत्रों में प्रतिनिधियों को दिशा-निर्देश दिए।
नारायणभाई शाह ने अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) और यूपीआई से जुड़ी गड़बड़ियों पर विस्तार से जानकारी रखी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों के निपटारे के लिए मार्गदर्शन सेवा केंद्रों को और सशक्त बनाया जाना चाहिए।
अशोक पांडे ने ग्राहक पंचायत को समन्वय में विश्वास रखने वाला संगठन बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सकारात्मक और रचनात्मक सोच के साथ समाज के हित में काम करने का आग्रह किया। अरुण देशपांडे ने अभ्यास मंडल के कामकाज के तरीके और उसकी गतिविधियों की जानकारी दी।
कोलकाता की घटना के खिलाफ प्रस्ताव
बैठक में कोलकाता में ग्राहक पंचायत के सदस्यों के साथ हुई हिंसक घटना पर चिंता जताई गई। इसके साथ ही हिंदुत्व के विरोध में लगाए गए नारों को लेकर भी आपत्ति दर्ज की गई। दोनों मुद्दों पर बैठक में विरोध प्रस्ताव पारित किया गया।
झारखंड का ‘ग्राहक जागरण’ पत्रक जारी
बैठक के दौरान झारखंड प्रांत इकाई द्वारा तैयार ‘ग्राहक जागरण’ पत्रक का विमोचन किया गया। यह पत्रक हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में है और देशभर से आए प्रतिनिधियों को बांटा गया। इसमें उपभोक्ता अधिकारों, जागरूकता और ग्राहक पंचायत की गतिविधियों की जानकारी दी गई है, ताकि यह संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
आगे की रूपरेखा
बैठक में संगठन के विभिन्न आयामों की आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यशाला के बारे में भी प्रतिनिधियों को बताया गया।
