Friday, October 2

रांची: JPSC और JSSC की परीक्षाओं में पारदर्शिता, नियमित भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाते हुए कहा कि लंबे समय से अभ्यर्थियों को भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रों ने आरोप लगाया कि आंदोलन स्थगित कराने के दौरान अमिताभ कौशल के नेतृत्व में रिफॉर्म कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी कमेटी का गठन नहीं किया गया है। इसे लेकर छात्रों ने नाराजगी जताई और जल्द कमेटी गठित करने की मांग की।

JPSC के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग

प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों ने JPSC अध्यक्ष और बोर्ड के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग रखी। छात्रों का कहना है कि आयोग में जरूरी पदों के रिक्त रहने से परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

इसके अलावा छात्रों ने वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग भी की। उनका कहना है कि परीक्षाओं का निर्धारित कैलेंडर होने से अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया और आगामी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर स्पष्टता मिल सकेगी।

प्री-लिम्स से लेकर मार्कशीट तक बदलाव की मांग

प्रतियोगी छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में भी कई बदलावों की मांग की है। इनमें प्री-लिम्स में ई-ऑप्शन और नेगेटिव मार्किंग लागू करना, श्रेणीवार कटऑफ जारी करना और अभ्यर्थियों को मार्कशीट उपलब्ध कराना शामिल है।

छात्रों ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए परिणाम से जुड़ी जरूरी जानकारी अभ्यर्थियों के सामने स्पष्ट रूप से रखी जानी चाहिए।

22 से अधिक परीक्षाएं रद्द…

छात्रों ने दावा किया कि परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों के बाद 22 से अधिक परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं। छात्रों के मुताबिक, नियमित भर्ती नहीं होने और परीक्षाओं के रद्द होने से प्रतियोगी अभ्यर्थियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।

छात्रों ने कहा कि वे परीक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ ऐसी प्रक्रिया चाहते हैं, जिसमें भर्ती और परीक्षाएं नियमित रूप से हों और अभ्यर्थियों को समय पर पूरी जानकारी मिल सके।

7 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम, फिर होगा ‘छात्र महाजुटान’

प्रतियोगी छात्रों ने कहा कि अगर 7 अक्टूबर तक रिफॉर्म कमेटी का गठन नहीं किया गया और JPSC के रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं हुई, तो पूरे झारखंड से छात्रों को जुटाकर विशाल ‘छात्र महाजुटान’ आयोजित किया जाएगा।

छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, नियमित भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार से जुड़ी हैं।

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