धनबाद/ रांची: गोविंदपुर स्थित केके पॉलिटेक्निक में कंप्यूटर ऑपरेटर अनूप कुमार सेन की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक के भाई सुभाष सेन ने संस्थान प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि अनूप पर काम का लगातार दबाव था और उसकी ड्यूटी का कोई निश्चित समय नहीं था। भाई के मुताबिक, छुट्टी के दिन भी उसे काम के लिए बुलाया जाता था।
प्रिंसिपल रूम में मिला था शव
मंगलवार शाम केके पॉलिटेक्निक के प्रिंसिपल रूम में 32 वर्षीय अनूप कुमार सेन का शव पंखे से लटका मिला था। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना के बाद मुआवजे और नौकरी को लेकर भी सहमति बनी है। जानकारी के मुताबिक, परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने और मृतक की पत्नी को नौकरी देने पर सहमति बनी है।
भाई का आरोप- छुट्टी में भी बुलाया जाता था काम पर
मृतक के भाई सुभाष सेन ने आरोप लगाया है कि अनूप से तय समय से अधिक काम कराया जाता था। उनका कहना है कि उसके लिए काम का कोई निश्चित समय नहीं था। संडे हो या मंडे, उसे कभी भी काम के लिए बुला लिया जाता था।
सुभाष सेन के मुताबिक, लगातार काम के दबाव के कारण अनूप मानसिक तनाव में था। उन्होंने दावा किया कि छुट्टी के दिनों में भी उसे संस्थान में काम करने के लिए बुलाया जाता था।
क्या काम का दबाव बना मौत की वजह?
मृतक के भाई के आरोपों के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या कथित तौर पर काम का दबाव और मानसिक तनाव अनूप की मौत की वजह बना। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अनूप पर काम का कितना दबाव था और क्या उसकी मौत का इससे कोई संबंध था। मामले में संस्थान प्रबंधन की भूमिका और मृतक के भाई की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनूप की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
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