रांची। राष्ट्रीय चेतना और जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से साईं नाथ विश्वविद्यालय, रांची की ओर से ओरमांझी प्रखंड के कुचू गांव में व्यापक सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया गया। विश्वविद्यालय के एनसीसी, एनएसएस और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में ‘हर घर तिरंगा 2026’ और ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को एक साथ जोड़ा गया।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ तथा 9/19 झारखंड बीएन एनसीसी यूनिट के संयुक्त सहयोग से किया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों के बीच राष्ट्रप्रेम के साथ-साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता और टीबी की रोकथाम को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।
शिक्षा को समाज से जोड़ने पर कुलपति ने दिया जोर
विश्वविद्यालय के कुलपति-मानद कर्नल प्रो. (डॉ.) एस. पी. अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना और ग्रामीण समुदाय के बीच जागरूकता फैलाना रहा।
कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कुलपति प्रो. अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के उत्थान और जनकल्याण में योगदान देना भी है। उन्होंने कहा कि अकादमिक ज्ञान तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका सुनिश्चित हो।
50 परिवारों का घर-घर स्वास्थ्य सर्वेक्षण
अभियान के तहत विश्वविद्यालय के नर्सिंग विभाग के छात्र-छात्राओं ने कुचू गांव के 50 परिवारों का घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण के दौरान ग्रामीणों से बीसीजी टीकाकरण, टीबी से जुड़े पूर्व इतिहास, वर्तमान लक्षण, सामान्य स्वास्थ्य, स्वच्छता और बीमारी से बचाव को लेकर जानकारी जुटाई गई।
स्वास्थ्य सर्वेक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को टीबी के संभावित लक्षणों और समय पर जांच एवं उपचार के महत्व के बारे में भी जानकारी दी।
नुक्कड़ नाटक से टीबी को लेकर भ्रांतियां दूर करने का प्रयास
ग्रामीणों को टीबी के प्रति जागरूक करने के लिए नर्सिंग विभाग के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से टीबी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और डर को दूर करने, बीमारी के लक्षणों को पहचानने तथा समय पर इलाज कराने का संदेश दिया गया।
वहीं, एनसीसी और एनएसएस के कैडेट्स ने ग्रामीणों के बीच राष्ट्रीय ध्वज का वितरण किया और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत लोगों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया।
एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स ने निभाई अहम भूमिका
पूरे अभियान में एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों और नर्सिंग विभाग के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। राष्ट्रप्रेम और जनस्वास्थ्य से जुड़े दोनों अभियानों को एक साथ संचालित कर विद्यार्थियों ने सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस समन्वयक डॉ. कमल कुमार, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश कुमार वर्मा, एनसीसी प्रशिक्षक धर्मेंद्र कुमार सिन्हा, एनएसएस सदस्य अंजुलता पाटले, 9/19 झारखंड बीएन एनसीसी यूनिट के कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों और नर्सिंग विभाग के छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इसके अलावा प्रो. के. सी. प्रसाद और डॉ. सुमन श्रीवास्तव सहित विश्वविद्यालय के अन्य पदाधिकारी एवं संकाय सदस्य भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
अभियान के माध्यम से विश्वविद्यालय ने स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय उत्सव को ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ते हुए देशभक्ति, सामाजिक सेवा और जनस्वास्थ्य का संदेश ग्रामीण समुदाय तक पहुंचाने का प्रयास किया।
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