Monday, September 21

धनबाद: धनबाद के चर्चित रंजय सिंह हत्याकांड में करीब नौ साल बाद शनिवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-16 दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने मामले में आरोपी हर्ष सिंह और नंदकुमार सिंह उर्फ मामा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

इस मामले की सुनवाई लंबे समय तक चली। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 23 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन आरोपों को पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर साबित नहीं कर सका।

फैसले को लेकर कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई

मामले में फैसला आने को लेकर धनबाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। सभी थाना प्रभारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। वरीय पुलिस अधिकारियों की निगरानी में कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।

2017 में चाणक्य नगर मोड़ के पास हुई थी हत्या

रंजय सिंह की हत्या 29 जनवरी 2017 को सरायढेला थाना क्षेत्र के चाणक्य नगर मोड़ के पास गोली मारकर की गई थी। घटना के वक्त रंजय सिंह अपने सहयोगी राजा यादव के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे।

इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने से रंजय सिंह की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद राजा यादव बच गए। बाद में राजा यादव को इस मामले में प्रमुख चश्मदीद गवाह बनाया गया।

हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और इसके बाद केस अदालत पहुंचा। करीब नौ साल तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 23 गवाहों के बयान दर्ज कराए। दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाया।

अदालत के फैसले के अनुसार, अभियोजन पक्ष आरोपों को पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर साबित नहीं कर सका। इसी आधार पर दोनों आरोपियों को बरी कर दिया गया।

वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई नंदकुमार सिंह उर्फ मामा की पेशी

नंदकुमार सिंह उर्फ मामा फिलहाल रांची के होटवार जेल में बंद है। शनिवार को उसकी अदालत में पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। वहीं, मामले में आरोपी हर्ष सिंह अदालत में सशरीर मौजूद रहे।

बचाव पक्ष ने फैसले को बताया न्याय की जीत

फैसले के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता समर श्रीवास्तव ने कहा कि बचाव पक्ष शुरू से ही यह तर्क देता रहा है कि नंदकुमार सिंह उर्फ मामा की पहचान गोली चलाने वाले व्यक्ति के रूप में नहीं हुई थी। साथ ही घटना से उसका संबंध भी साबित नहीं हुआ।

अदालत के फैसले के बाद हर्ष सिंह के रिश्तेदार अभिषेक सिंह ने कहा कि परिवार को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। उन्होंने अदालत के फैसले को न्याय की जीत बताया।

करीब नौ साल तक चले इस मामले में अब अदालत के फैसले के बाद दोनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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