रांची: कांके थाना क्षेत्र के नगड़ी में हथियार दिखाकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। नगड़ी निवासी अख्तर अंसारी ने अमृत टोप्पो और उसके साथियों पर उनके भतीजे के साथ मारपीट करने, पिस्तौल दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने 4 नवंबर 2026 को कांके थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
भतीजे के साथ मारपीट के बाद चाचा पर भी हमला करने का आरोप
थाना प्रभारी को दिए गए आवेदन के अनुसार, घटना 4 नवंबर की सुबह करीब 9 बजे की है। अख्तर अंसारी का भतीजा अवेश रजा अपनी तीन बहनों के साथ नगड़ी स्थित सरकारी स्कूल जा रहा था। इसी दौरान अखड़ा के सामने रहने वाले अमृत टोप्पो ने अवेश रजा के साथ मारपीट की और उसे पिस्तौल दिखाकर धमकाया। इसके बाद डरा-सहमा अवेश रोते हुए घर पहुंचा और अपने चाचा अख्तर अंसारी को घटना की जानकारी दी।
अख्तर अंसारी के अनुसार, वह अपने भतीजे को स्कूल पहुंचाने के लिए साथ निकले। इसी दौरान अखड़ा के पास अमृत टोप्पो अपने अन्य साथियों के साथ पहुंचा और उन पर हमला कर दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावरों के पास पिस्तौल और चाकू थे। अमृत टोप्पो ने उनके गले पर चाकू से हमला करने की कोशिश की साथ ही पिस्तौल निकालकर उन पर तान दी और जान से मारने की धमकी दी।
झारखंड डिजिटल से बातचीत में पुलिस पर भी लगाए आरोप
इस मामले में जब झारखंड डिजिटल की टीम ने अख्तर अंसारी से बातचीत की, तो उन्होंने आरोप लगाया कि अमृत टोप्पो का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। अख्तर का कहना है कि उनके और अमृत टोप्पो के बीच पहले से किसी तरह की रंजिश नहीं थी। इसके बावजूद उन पर हमला किया गया और अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया गया।
अख्तर अंसारी ने कांके पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस आरोपियों का समर्थन कर रही है और उन्हें संरक्षण दे रही है। उन्होंने दावा किया कि अमृत टोप्पो के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले रहे हैं। अख्तर ने उस पर दुष्कर्म जैसी घटनाओं में शामिल होने का भी आरोप लगाया, हालांकि उनका कहना है कि इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है।
दो अन्य लोगों के शामिल होने का भी आरोप
अख्तर अंसारी ने इस घटना में अमृत टोप्पो के साथ सद्दाम और महफूज अंसारी के शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कांके थाना में दिए गए आवेदन के माध्यम से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में कांके पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
