रांची समेत पूरे झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से में बन रहे अति गहरे निम्न दबाव के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 से 25 सितंबर के बीच कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम में बदलाव के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
21 सितंबर से शुरू होगा बारिश का दौर
21 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ जगहों पर वज्रपात की भी संभावना है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
22 सितंबर को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का अनुमान है। रांची समेत कुछ जिलों में दिन के दौरान एक से अधिक बार बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए बाहर निकलने की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
23 सितंबर को बारिश का असर अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की संभावना है। इस दिन दक्षिण-पूर्वी, मध्य और उत्तर-पूर्वी झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना है-
- पूर्वी सिंहभूम
- पश्चिमी सिंहभूम
- सरायकेला-खरसावां
- रांची
- खूंटी
- रामगढ़
- बोकारो
- धनबाद
- गिरिडीह
- देवघर
- जामताड़ा
इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसलिए खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतना जरूरी होगा।
24 सितंबर को उत्तर-पूर्वी झारखंड और उससे सटे मध्य हिस्सों में बारिश का असर बना रह सकता है। खास तौर पर धनबाद और आसपास के इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान वज्रपात और तेज हवा को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है।
25 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है।
बारिश और वज्रपात के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
मौसम खराब होने के दौरान थोड़ी सी सावधानी दुर्घटना से बचा सकती है। वज्रपात की आशंका हो तो खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और टावर जैसी जगहों से दूर रहें। संभव हो तो सुरक्षित और पक्की इमारत के अंदर रहें।
बारिश के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होकर बचने की कोशिश न करें। बिजली चमकने या गरजने के समय खुले में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से ज्यादा जरूरी है कि सुरक्षित स्थान पर पहुंचा जाए। तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों, होर्डिंग्स और जर्जर संरचनाओं के पास जाने से बचें।
तापमान में भी आएगी गिरावट
लगातार बारिश और बादल छाए रहने के कारण झारखंड के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन बारिश और वज्रपात के दौरान सावधानी बरतना जरूरी रहेगा।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों से अपील है कि बारिश और वज्रपात के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाएं और मौसम संबंधी अलर्ट पर नजर बनाए रखें।
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