Friday, October 2

हाथी को देखकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे लोग, देखने के लिए बाजार में जुटी भीड़; वन विभाग ने संभाला मोर्चा

सिमडेगा: जिले के बोलबा प्रखंड में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब एक जंगली हाथी दिनदहाड़े आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। हाथी के प्रखंड कार्यालय के समीप और बाजार क्षेत्र में पहुंचने की सूचना फैलते ही आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। कुछ ही देर में हाथी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग भी मौके पर जुटने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाथी काफी देर तक प्रखंड कार्यालय परिसर के आसपास और बाजार क्षेत्र में विचरण करता रहा। दिन के समय आबादी के बीच जंगली हाथी के पहुंचने से लोग सहम गए। कई लोगों ने अपनी सुरक्षा को देखते हुए मौके से हटकर सुरक्षित स्थानों का रुख किया।

बाजार में हाथी पहुंचने से बढ़ी चिंता

बोलबा का प्रखंड कार्यालय और बाजार क्षेत्र आमतौर पर लोगों की आवाजाही वाला इलाका है। ऐसे में हाथी के अचानक पहुंचने से लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। बाजार में मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने हाथी को अपनी ओर आते देखा तो कई लोग वहां से हट गए।

हाथी कुछ समय तक इलाके में घूमता रहा। इस दौरान स्थानीय लोगों ने एक-दूसरे को सावधान किया और हाथी के नजदीक जाने से बचने की अपील की। हालांकि, हाथी की मौजूदगी की खबर फैलने के साथ ही बड़ी संख्या में लोग उसे देखने के लिए जमा हो गए।

यही भीड़ वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के लिए भी चिंता का कारण बनी रही, क्योंकि जंगली हाथी के अचानक आक्रामक होने की स्थिति में भगदड़ या किसी अन्य अप्रिय घटना का खतरा बढ़ सकता है।

सूचना मिलते ही वन विभाग को किया गया अलर्ट

स्थानीय लोगों ने हाथी के आबादी वाले इलाके में पहुंचने की जानकारी तत्काल वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने इलाके में पहुंचकर हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने का काम शुरू किया।

वन विभाग की ओर से लोगों को हाथी से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। लोगों से कहा गया कि वे हाथी को घेरने, उसके करीब जाने, रास्ता रोकने या किसी तरह उसे उकसाने की कोशिश न करें।

वन विभाग की टीम हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से आबादी वाले इलाके से बाहर निकाला जा सके और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

हाथी के करीब जाने से बचने की अपील

जंगली हाथी के आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचने के बाद सबसे बड़ी चुनौती लोगों की भीड़ को नियंत्रित करना बनी हुई है। हाथी को देखने के लिए मौके पर पहुंचे लोगों में कुछ लोग उसके काफी करीब जाने की कोशिश भी कर सकते हैं। ऐसे में वन विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार जंगली हाथी सामान्य परिस्थितियों में इंसानों से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं, लेकिन खतरा महसूस होने पर वे आक्रामक व्यवहार कर सकते हैं। इसलिए हाथी के आसपास भीड़ लगाना, शोर करना या उसे छेड़ना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे हाथी की मौजूदगी वाली जगह पर अनावश्यक रूप से भीड़ न लगाएं और बच्चों को भी हाथी के आसपास जाने से रोकें।

ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह

वन विभाग ने बोलबा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से कहा गया है कि वे फिलहाल हाथी की गतिविधियों पर नजर रखें और रात के समय विशेष सावधानी बरतें।

ग्रामीणों को यह भी सलाह दी गई है कि हाथी के संभावित रास्ते में अकेले न जाएं और यदि किसी इलाके में हाथी दिखाई देता है तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें। हाथी को खुद से भगाने या पकड़ने की कोशिश न करने की भी अपील की गई है।

आबादी वाले इलाकों में हाथियों की दस्तक बनी चिंता

झारखंड के कई वन क्षेत्रों में जंगली हाथियों और इंसानी आबादी के बीच टकराव की घटनाएं सामने आती रही हैं। जंगल और आबादी के बीच दूरी कम होने तथा हाथियों के पारंपरिक रास्तों पर मानवीय गतिविधियां बढ़ने से कई बार हाथी गांवों और बाजार क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं।

बोलबा में मंगलवार को हुई घटना ने एक बार फिर आबादी वाले इलाकों में हाथियों की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल वन विभाग की टीम हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और उसे सुरक्षित तरीके से आबादी वाले क्षेत्र से दूर ले जाने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन और वन विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, हाथी के करीब जाकर वीडियो बनाने या तस्वीर लेने की कोशिश न करें और किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें।

फिलहाल बोलबा में स्थिति पर वन विभाग की नजर बनी हुई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 

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