Wednesday, November 4

रांची: झारखंड में 15 साल की सेवा अवधि पूरी कर चुके सरकारी वाहनों को अब व्यवस्थित तरीके से स्क्रैप किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज करने की पहल की है। खास बात यह है कि इस दायरे में केवल पुराने वाहन ही नहीं, बल्कि पुलिस थानों में लंबे समय से पड़े दुर्घटनाग्रस्त और अनुपयोगी वाहन भी शामिल हो सकते हैं। बुधवार को प्रोजेक्ट भवन स्थित सभागार में परिवहन सचिव राजीव रंजन ने राज्यस्तरीय नोडल पदाधिकारियों के साथ बैठक कर इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

MSTC और GeM पोर्टल के जरिए होगी पूरी प्रक्रिया

बैठक में परिवहन सचिव ने स्पष्ट किया कि सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर पारदर्शी व्यवस्था विकसित की जाएगी।

MSTC और GeM पोर्टल के माध्यम से वाहनों का पंजीकरण, उनका विवरण अपलोड करने और नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) के जरिए वाहनों का निस्तारण होगा। बैठक में MSTC और RVSF के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया की चरणबद्ध जानकारी दी। साथ ही जरूरी दस्तावेजों और विभागीय जिम्मेदारियों के बारे में भी बताया गया।

पुलिस थानों में खड़े कबाड़ वाहनों पर भी होगी कार्रवाई

परिवहन सचिव राजीव रंजन ने कहा कि सबसे पहले यह तय करना जरूरी है कि किन सरकारी वाहनों को स्क्रैपिंग की श्रेणी में रखा जाएगा। खासकर पुलिस थानों में दुर्घटनाग्रस्त होकर लंबे समय से पड़े वाहन और दूसरे विभागों के ऐसे वाहन, जो मरम्मत योग्य नहीं हैं या जिनका इस्तेमाल संभव नहीं रह गया है, उनके निस्तारण के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनानी होगी।

उन्होंने सभी विभागों के नोडल पदाधिकारियों को अपने-अपने विभागों में इस प्रक्रिया को गंभीरता से लागू करने का निर्देश दिया। किसी भी तरह की तकनीकी समस्या या असमंजस की स्थिति में परिवहन विभाग से परामर्श लेने को भी कहा गया।

सरकारी खजाने को भी होगा फायदा, पर्यावरण संरक्षण पर जोर

सचिव ने कहा कि सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग केवल पुराने वाहनों को हटाने तक सीमित नहीं है। इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल, पर्यावरण संरक्षण और सुशासन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्क्रैपिंग से जुड़े वित्तीय और राजस्व संबंधी प्रावधानों का लाभ संबंधित विभागों को मिलेगा। वहीं, स्क्रैपिंग के बाद परिवहन विभाग के माध्यम से देय कर की राशि सरकारी राजकोष में जमा होगी।

बैठक में विभिन्न विभागों के नामित नोडल पदाधिकारियों के अलावा MSTC, GeM और पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अब विभागीय स्तर पर पुराने और अनुपयोगी सरकारी वाहनों की पहचान कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनके निस्तारण की कार्रवाई की जाएगी।

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