Wednesday, September 9

कोलकाता में बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे तृणमूल कांग्रेस के कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय में कथित तोड़फोड़ और मारपीट का मामला सामने आया है। TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस घटना के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में BJP कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय में पहुंचे, वहां तोड़फोड़ की और मौजूद लोगों के साथ मारपीट की।

अभिषेक बनर्जी ने इस पूरे मामले को लेकर कोलकाता पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि घटना की जानकारी दिए जाने के बावजूद पुलिस करीब दो घंटे तक प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी।

सुबह 4:30 बजे दफ्तर में घुसने का आरोप

बनर्जी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि सुबह करीब 4:30 बजे हथियारों से लैस लोग राजनीतिक पार्टी के कार्यालय में दाखिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान TMC कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि हथियारों के साथ लोग किसी राजनीतिक दल के कार्यालय में घुसकर हिंसा कर सकते हैं और पुलिस की मौजूदगी में भी कार्रवाई में इतना समय लग सकता है, तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या रह गई है।

फोन छीने, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान तोड़ने का दावा

TMC सांसद ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला करने के साथ उनके फोन भी छीन लिए। उनके मुताबिक, कार्यालय का फर्नीचर क्षतिग्रस्त किया गया और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया गया।

अभिषेक बनर्जी ने मांग की कि घटना में शामिल सभी लोगों की तत्काल पहचान कर गिरफ्तारी की जाए। साथ ही उन्होंने यह पता लगाने की भी मांग की कि कथित हिंसा की योजना किसने बनाई और इसे किसके निर्देश पर अंजाम दिया गया।

पुलिस की भूमिका पर भी उठाए सवाल

उनके मुताबिक, घटना के बाद TMC कार्यकर्ताओं और पार्टी से जुड़े वकीलों की ओर से पुलिस को लगातार फोन और ईमेल के जरिए जानकारी दी गई। उनका आरोप है कि इसके बावजूद करीब दो घंटे तक पुलिस की तरफ से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने इसे गंभीर और अस्वीकार्य बताते हुए पुलिस की भूमिका की भी जांच की मांग की है। साथ ही कहा कि कोई भी राजनीतिक दल या हथियारबंद समूह कानून से ऊपर नहीं हो सकता।

राज्य सरकार से लेकर केंद्र तक पर निशाना

घटना को लेकर बनर्जी ने राज्य और केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री या प्रधानमंत्री कार्यालय इस घटना पर कोई कार्रवाई करेंगे।

उन्होंने न्यायपालिका, खासकर कलकत्ता हाई कोर्ट, से मामले का संज्ञान लेने और राज्य में कानून का शासन सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप की अपील की।

शुभेंदु अधिकारी पर भी अभिषेक का हमला

अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान में शुभेंदु अधिकारी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC और खुद उनके प्रति डर की वजह से इस तरह की डराने-धमकाने वाली कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के साथ हिंसा, तोड़फोड़ और भय का माहौल बनाकर राजनीतिक व्यवहार किया जाएगा, तो मुख्यमंत्री के पास पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के बजाय राजनीतिक गुंडागर्दी करार दिया और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की।

फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर अभिषेक बनर्जी की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच पुलिस की कार्रवाई और जांच पर सबकी नजर है।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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