मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने रांची पूर्व, रांची पश्चिम और खूंटी प्रमंडल की योजनाओं की समीक्षा की; SVS योजनाओं की जांच के लिए बनेगी राज्य और जिला स्तरीय कमेटी, 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट
रांची: झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं को समय पर पूरा कराने और ग्रामीणों तक नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। मंगलवार को रांची के विश्वा सभागार में विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में रांची पूर्व, रांची पश्चिम और खूंटी प्रमंडल की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें योजनाओं की धीमी प्रगति, अधूरे निर्माण कार्य और बंद पड़ी पेयजल योजनाओं को लेकर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी पेयजल योजनाओं में लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। काम में शिथिलता बरतने वाले संवेदकों के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई होगी।
बैठक में जल जीवन मिशन के तहत संचालित विकास योजनाओं, सिंगल विलेज स्कीम (SVS), बहु ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजनाओं और पेयजलापूर्ति से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं की योजनावार समीक्षा की गई। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों से कार्यों की वास्तविक प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भुगतान के बावजूद योजनाओं का पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित नहीं होना गंभीर मामला है। सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कर योजनाओं को धरातल पर उतारना सुनिश्चित किया जाए।
SVS योजनाओं की जांच के लिए बनेगी संयुक्त कमेटी
सिंगल विलेज स्कीम के तहत संचालित सभी योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए राज्य और जिला स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाएगा। मंत्री ने संयुक्त कमेटी को योजनाओं का स्थल निरीक्षण करने और निर्माण कार्यों की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है। कमेटी योजनाओं की कार्यप्रगति, निर्माण की स्थिति, गुणवत्ता और क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का आकलन करेगी। इसके बाद 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट विभाग को सौंपनी होगी।
रिपोर्ट में योजनाओं की वास्तविक स्थिति, कमियों और काम में आ रही बाधाओं का स्पष्ट उल्लेख करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
काम बंद रखने वाले संवेदकों को मिलेगा लीगल नोटिस
समीक्षा बैठक में जिन पेयजल योजनाओं का काम बंद पाया गया या निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आगे नहीं बढ़ाया गया, उनके संवेदकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया गया। विभागीय सचिव अबु इमरान ने कहा कि सरकारी योजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित रखना गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी।
कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि काम नहीं करने वाले संवेदकों को नियमानुसार लीगल नोटिस जारी करें और संबंधित संविदा की शर्तों के अनुसार आगे की कार्रवाई करें। अभियान निदेशक शशि रंजन ने भी अधिकारियों को अपने क्षेत्र की लंबित योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन संवेदकों या अधिकारियों की लापरवाही से योजनाएं लंबित हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दिसंबर तक क्लस्टर और SVS योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य
बैठक में कार्यपालक अभियंताओं को दिसंबर 2026 तक सभी क्लस्टर और सिंगल विलेज स्कीम की योजनाएं पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही जिन गांवों में हर घर जल का सत्यापन बाकी है, वहां जल्द से जल्द सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति पर लगातार निगरानी रखने और निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया।
कार्यशील पेयजल योजनाओं के संबंध में कनीय और सहायक अभियंताओं को ग्रामीणों के साथ बैठक करने तथा जल कर संग्रह सुनिश्चित करने को कहा गया। विभाग का मानना है कि योजनाओं के नियमित संचालन और रखरखाव के लिए ग्रामीणों की भागीदारी भी जरूरी है।
जल शोधन संयंत्रों की कार्यशीलता पर भी जोर
बैठक में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सहित पेयजलापूर्ति से जुड़ी अन्य आधारभूत संरचनाओं की स्थिति की भी समीक्षा हुई। सचिव अबु इमरान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन संरचनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जहां निर्माण कार्य अधूरे हैं या योजनाओं का संचालन प्रभावित है, वहां समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने और नियमित निगरानी करने पर भी जोर दिया।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पेयजलापूर्ति विभाग की योजनाएं सीधे आम लोगों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं। इसलिए योजनाओं का समय पर पूरा होना और लोगों को नियमित पानी मिलना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों को पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ काम करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में विभागीय सचिव अबु इमरान, विशेष सचिव, जल जीवन मिशन के अभियान निदेशक शशि रंजन, अभियंता प्रमुख निरंजन कुमार, रांची के उप विकास आयुक्त संजय कुमार भगत, खूंटी के उप विकास आयुक्त, मुख्य अभियंता, पीएमयू एवं सीडीओ के अधिकारी, मंत्री के ओएसडी सहित रांची पूर्व, रांची पश्चिम और खूंटी प्रमंडल के वरीय पदाधिकारी, विभागीय अधिकारी और संबंधित संवेदक उपस्थित थे।
