पप्पू अंसारी और नितेश साहू के आवास-कार्यालय पर एक साथ छापेमारी, दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच…. बड़का सयाल से जुड़े मामले में जांच का दायरा बढ़ने के संकेत, CCL के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच सकती है पड़ताल
रामगढ़ और हजारीबाग क्षेत्र में कोयला कारोबार से जुड़े सिंडीकेट को लेकर जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रांची से पहुंची जीएसटी टीम ने भुरकुंडा में दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान अधिकारियों ने कोयला कारोबार से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जांच का मुख्य केंद्र कोयले की खरीद-बिक्री में कथित जीएसटी चोरी और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन हैं। माना जा रहा है कि करोड़ों रुपये की टैक्स अनियमितता से जुड़े इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
जीएसटी अधिकारियों की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब बड़का सयाल क्षेत्र में कोयला कारोबार और ई-ऑक्शन की प्रक्रिया को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ सकता है। कोयला कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के साथ-साथ संबंधित संस्थागत स्तर पर भी पूछताछ की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
दो ठिकानों पर एक साथ पहुंची जीएसटी की टीम
जानकारी के अनुसार, जीएसटी रांची की टीम ने भुरकुंडा के जवाहर नगर निवासी कोयला कारोबारी पप्पू अंसारी के आवास और कार्यालय में छापेमारी की। वहीं, दूसरी टीम सौंदा बस्ती के सरिया टोला स्थित सयाल डी कोलियरी सेल संचालन समिति के अध्यक्ष नितेश साहू के घर पहुंची। दोनों जगहों पर अधिकारियों ने कारोबारी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इसके अलावा डिजिटल गैजेट्स और उनमें उपलब्ध रिकॉर्ड को भी खंगाला गया।
सूत्रों का कहना है कि जीएसटी विभाग की कार्रवाई CCL के बड़का सयाल क्षेत्र से जुड़े मामले में की गई है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि कोयले के कारोबार में किस तरह के वित्तीय लेन-देन हुए और क्या इन लेन-देन में जीएसटी नियमों का उल्लंघन किया गया। दस्तावेजों के आधार पर कारोबार की वास्तविक स्थिति और टैक्स भुगतान से संबंधित जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
करोड़ों की टैक्स चोरी के संदेह में जांच
बताया जा रहा है कि जीएसटी अधिकारियों को सूचना मिली थी कि कोयले के कारोबार में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की गई है। इसी सूचना के सत्यापन के बाद टीम ने दोनों ठिकानों पर दबिश दी। जांच में खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, भुगतान के ब्योरे और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज जुटाए गए हैं। अब इनकी जांच कर संबंधित कारोबार और लेन-देन की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। यदि जांच में टैक्स चोरी या अन्य वित्तीय अनियमितताओं के पुख्ता साक्ष्य मिलते हैं, तो विभाग आगे की कार्रवाई कर सकता है। इस मामले में अन्य लोगों से पूछताछ और गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, फिलहाल किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
CCL के CMD तक पहुंच सकती है जांच की आंच
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच का दायरा CCL के बड़का सयाल क्षेत्र के अधिकारियों और प्रबंधन तक पहुंचेगा? सूत्रों के अनुसार, छापेमारी से मिलने वाले दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन के इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ सकती है। इसी क्रम में CCL के CMD तक पड़ताल पहुंचने की चर्चा भी है। हालांकि, CMD की भूमिका को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
राहुल दुबे ने सोशल मीडिया पर बीते दिनों किया था गड़बड़ी का दावा
गौरतलब है कि बीते दिनों गैंगस्टर राहुल दुबे ने सोशल मीडिया पर बड़का सयाल क्षेत्र में कथित कोयला सिंडीकेट सक्रिय होने का आरोप लगाया था। उसने CCL के CMD के संरक्षण में कोयले का कारोबार चलने का दावा किया था। राहुल दुबे ने ई-ऑक्शन में गड़बड़ी होने और विशेष लोगों को ही काम दिए जाने के आरोप भी लगाए थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब जीएसटी विभाग की छापेमारी के बाद बड़का सयाल क्षेत्र के कोयला कारोबार पर निगाहें टिक गई हैं। फिलहाल अधिकारी दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। विभाग की ओर से छापेमारी पूरी होने के बाद ही कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
