Tuesday, September 22

रांची। झारखंड में आयुर्वेद चिकित्सा को विस्तार देने और इससे जुड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत पर विशेषज्ञों ने जोर दिया। रांची के डोरंडा स्थित पलाश सभागार में झारखंड प्रदेश आयुर्वेद सम्मेलन के प्रथम स्थापना दिवस सह आयुर्वेद दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें आयुर्वेद क्षेत्र से जुड़े चिकित्सक और विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी रहे।

आयुष मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्र को दी गई 900 करोड़ की परियोजना रिपोर्ट

कार्यक्रम में स्वास्थ्य व्यवस्था और आयुर्वेद के विकास को लेकर चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने पर है। उन्होंने बताया कि झारखंड में आयुष मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए करीब 900 करोड़ रुपये की परियोजना रिपोर्ट केंद्र सरकार को दी गई है।

मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वे लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद वे कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे, क्योंकि आयुर्वेद से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सकों ने उन्हें आमंत्रित किया था।

उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें जवाबदेही दी है और वे जमीनी स्तर पर काम करने पर विश्वास रखते हैं। मंत्री के मुताबिक, उन्होंने केंद्र सरकार के मंत्री से मुलाकात कर झारखंड के लिए कई मांगें भी रखी हैं।

24 जिलों में आयुर्वेद सेवाओं को मजबूत करने की मांग

कार्यक्रम में शामिल आयुर्वेद चिकित्सकों ने कहा कि देश के कई राज्य आयुर्वेद के क्षेत्र में झारखंड से आगे निकल चुके हैं। उन्होंने बिहार, केरल, गुजरात, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड में भी आयुर्वेद के क्षेत्र में विकास की काफी संभावनाएं हैं।

चिकित्सकों ने राज्य के सभी 24 जिलों में आयुर्वेद से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि बेहतर संस्थान, आधारभूत सुविधाएं और स्पष्ट योजना तैयार होने से राज्य में आयुर्वेद चिकित्सा को और व्यापक बनाया जा सकता है।

देवघर के 100 बेड वाले पंचकर्म अस्पताल का मुद्दा भी उठा

चिकित्सकों ने देवघर में प्रस्तावित 100 बेड के पंचकर्म अस्पताल का मुद्दा भी उठाया। उनके मुताबिक, इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से राशि स्वीकृत की गई थी और जमीन भी उपलब्ध करा दी गई थी, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया और रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामलों के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।

चिकित्सकों ने सरकार से आयुर्वेद के लिए बेहतर विजन तैयार करने, मजबूत डीपीआर बनाने और जरूरी आधारभूत सुविधाओं के विकास की मांग की। उनका कहना था कि इन प्रयासों से झारखंड में आयुर्वेद चिकित्सा को संस्थागत स्तर पर आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

आयुर्वेद संस्थानों के विकास पर हुआ मंथन

कार्यक्रम के दौरान राज्य में आयुर्वेदिक संस्थानों के विकास, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और आयुर्वेद की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने राज्य में आयुर्वेद को स्वास्थ्य व्यवस्था के व्यापक ढांचे से जोड़कर आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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