त्रिपुरा: भारत-बांग्लादेश सीमा के पास तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान BSF जवानों और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प हो गई। सोमवार को सिपाहीजाला जिले के अशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) क्षेत्र में हुई इस घटना में असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार समेत BSF के चार जवान घायल हो गए। मामले में त्रिपुरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 49वीं बटालियन के BSF जवान अशाबाड़ी BOP के पास तस्करी विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान स्थानीय लोगों और जवानों के बीच कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि तस्करी में शामिल होने के संदेह में एक BSF जवान ने हेजफुर रहमान नाम के व्यक्ति को रोका और उसके साथ डंडे से मारपीट की। इस घटना से स्थानीय लोग नाराज हो गए और उन्होंने बॉक्सानगर-रहीमपुर सड़क जाम कर दी।
भीड़ ने BSF टीम को घेरा, वाहन का शीशा तोड़ा
विवाद बढ़ने के बाद मौके पर पहुंचे BSF अधिकारियों और जवानों को भी भीड़ ने घेर लिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में लोग बांस की लाठियां लेकर BSF टीम की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। भीड़ ने जवानों के वाहन पर हमला किया और उसका विंडशील्ड तोड़ दिया।
वीडियो में एक जवान को भीड़ को रोकने की कोशिश करते देखा जा सकता है। इसी दौरान दो ग्रामीणों ने उसके पैर पर बांस की लाठियों से हमला किया। वहीं, कुछ लोगों ने असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार को सड़क किनारे घेरकर पीटा। एक हमलावर पर उनका हथियार छीनने की कोशिश करने का भी आरोप है। हमले में रोहित कुमार के सिर और घुटनों में चोटें आईं और वह जमीन पर गिर पड़े।
अस्पताल में कराया गया भर्ती, आठ लोग गिरफ्तार
घायल BSF जवानों को प्राथमिक उपचार के लिए बॉक्सानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए रवाना किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही त्रिपुरा पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने की हमले की निंदा
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने BSF जवानों पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अशाबाड़ी, बॉक्सानगर में BSF जवानों पर हमले के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना में शामिल सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों के जवानों के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
