रांची। झारखंड में JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्र आंदोलन, परीक्षा सुधार और कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद JPSC और JSSC के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं की नियुक्तियां हुई हैं। कई परीक्षाओं में विवाद सामने आए, जांच हुई और उसके परिणाम भी सामने आए हैं। अब पुराने मामलों की भी व्यापक समीक्षा की जाएगी।
छात्रों के आंदोलन और मांगों पर मुख्यमंत्री की बात
मुख्यमंत्री ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा अलग-अलग टेंट लगाकर अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को लेकर सरकार की ओर से पहले भी बातचीत हुई है और कई मुद्दों पर समाधान की दिशा में सहमति बनी थी।
परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता को लेकर सरकार गंभीर है। परीक्षाएं किस तरह आयोजित होनी चाहिए, इसके लिए पहले से ही SOP यानी Standard Operating Procedure मौजूद है। यदि SOP के प्रावधानों का सही तरीके से पालन किया जाए तो गड़बड़ियों की संभावना काफी कम हो सकती है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए SOP में जरूरत के मुताबिक नए प्रावधान जोड़े जाएंगे।
परीक्षा सुधार के लिए खुलेगा सुझाव का रास्ता
परीक्षा व्यवस्था में सुधार केवल सरकार या अधिकारियों के स्तर पर नहीं किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों, प्रोफेसरों, शिक्षकों और अभिभावकों से भी सुझाव मांगे जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से एक पोर्टल बनाया गया है, जो सुझाव देने के लिए खुला है। विद्यार्थी और शिक्षा जगत से जुड़े लोग अपने सुझाव इस पोर्टल के माध्यम से दे सकते हैं। प्राप्त सुझावों को विशेषज्ञों के साथ साझा किया जाएगा और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उनका उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि परीक्षा सुधार को लेकर एक विशेष कमेटी भी काम करेगी और विशेषज्ञों की राय के आधार पर आगे की व्यवस्था तैयार की जाएगी।
TDPL से जुड़ी गतिविधियां रद्द करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने JPSC-JSSC परीक्षा विवाद के बीच परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि TDPL द्वारा प्रकाशित परीक्षा परिणाम, चयन और उससे संबंधित गतिविधियों को रद्द किया जाता है।
सरकार के इस फैसले का असर संबंधित परीक्षा प्रक्रिया पर पड़ेगा और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।
JPSC CGL मामले में रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच
मुख्यमंत्री ने JPSC CGL से जुड़े मामले में रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में संपूर्ण जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि मामले की जांच SIT और CID स्तर पर भी चल रही है और जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं, जो चौंकाने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही हैं। परीक्षा प्रक्रिया में यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी या अनियमितता हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
JPSC में धांधली के मामले में गिरफ्तारियों का जिक्र
JPSC से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तारियां भी हुई हैं। जांच में सामने आ रही जानकारियों से संकेत मिल रहे हैं कि मामला केवल किसी एक व्यक्ति या एक स्तर तक सीमित नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि पहले विभिन्न परीक्षाओं और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं में काम कर चुकी कंपनियों तथा उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार जांच में बड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आ रही है।
2014 से अब तक जांच के दायरे में आएंगे मामले
2014 से अब तक जिन परीक्षाओं में किसी तरह की गलती, गड़बड़ी या अनियमितता की शिकायत सामने आई है, उनकी भी जांच की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच को किसी एक परीक्षा या किसी एक समयावधि तक सीमित नहीं रखा जाएगा। पुराने मामलों की भी समीक्षा होगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि परीक्षा व्यवस्था में कहां-कहां खामियां रहीं और किन स्तरों पर सुधार की जरूरत है।
JSSC CGL रद्द
JSSC CGL परीक्षा से जुड़े विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में भी जांच चल रही है। CID और अन्य जांच एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों और सामने आए आरोपों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा प्रक्रिया में शामिल संस्थाओं, लोगों और पुराने नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
MMDR पर विशेष सत्र का संकेत
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने MMDR के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर इस विषय पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर विचार किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विभिन्न मुद्दों पर तथ्यों और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर आगे की रणनीति तय करेगी।
