Tuesday, September 22

भाजपा और कांग्रेस का निशाना बनी केन्द्र की राजनीति,
जेएमएम, आजसू और जेएलकेएम समेत अन्य दलों का क्या छात्रों से नहीं रहा सरोकार
जेन जी को साधने में जुटे राजनैतिक दलों का हथियार बन गए स्टूडेंट्स

छात्रों की पीड़ा के बहाने दिल्ली की गद्दी पर वार शुरु हो गया है. कांग्रेस, काक्रोच जनता पार्टी समेत अन्य विपक्षी दल स्टूडेंट्स को हथियार बनाकर सीधे दिल्ली की राजनीति को साधने में जुट गए हैं. सीधे शब्दों में कहें तो नेपाल, बांग्लादेश में तख्तापलट की रणनीति को भारत में लागू करने के लिए जेन जी को पर निशाना लगाया जा रहा है. भावुक स्टूडेंट्स हर राजनैतिक दल को उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि स्टूडेंटस अब हाशिए पर चले गए हैं और उनके नाम पर वोटबैंक की राजनीति को नई दिशा देने का प्रयास हर राजनैतिक दल कर रहा है. दिल्ली के जंतर मंतर के बाद रांची में विगत दो दिनों से जनता और स्टूडेंट्स हलकान हैं, मारपीट और सड़क जाम से परेशान हैं लेकिन उनकी व्यथा सुनेगा कौन क्योंकि हर दल दावा कर रहा है कि वही उनकी हिमायती है और स्टूडेंट्स के लिए ही यह लड़ाई लड़ी जा रही है. जबिक सच्चाई यह हो गयी है कि नीट और जेपीएससी के मारे छात्रों की मांग मुद्दे से गायब हो चुकी है अब सीधे सीधे केन्द्र और झारखंड की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस दोनों एक दूसरे को मात देने के प्रयास में लग गए हैं.

यह गठहबंधन की पुकार है या दलों का राजनौतिक स्वार्थ
बात अगर झारखंड की करें तो बुधवार को भाजपा ने जेपीएससी और कांग्रेस आफस का घेराव किया. जबिक जेपीएससी चेयरमैन एल ख्यांगते पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं या सरकार ने उनसे पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता की ही तरह इस्तीफा ले लिया है. दोनों ही सूरतों में सीएम हेमंत सोरेन अपना काम बखूबी कर रहे हैं. जेपीएससी मामले में सीआईडी जांच भी तेज कर दी गयी है, गिरफ्तारियां की जा रही हैं. ठीक यही प्रक्रिया नीट परीक्षा से जुड़े मामले में केन्द्र सरकार ने की है. नीट परीक्षा में गड़बड़ियों की जांच सीबीआई कर रही है. कई गिरफ्तारियां हुईं लेकिन कांग्रेस की मांग शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी है. लेकिन, कांग्रेस झारखंड में जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी पर खामोश हो गयी है.

जेएमएम, आजसू और जेएलकेएम समेत अन्य दलों का क्या छात्रों से नहीं रहा सरोकार
इस पूरे मुद्दे में जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य है वो यह है कि झारखंड की सड़क से सदन तक छात्रों के हित के लिए सीधे भाजपा औरप कांग्रेस टकरा रही है. जबिक गठबंधन में शामिल जेएमएम, जेएमएम, आजसू और जेएलकेएम समेत अन्य दलों के नेता बयान और पत्रों तक सिमटी नजर आ रहे हैं. क्या गठबंधन के दूसरे दलों को छात्रों से कोई सरोकार नहीं रहा है या फिर उन्हें जेन जी की जरुरत नहीं है. सच्चाई यह नजर आ रही है कि दूसरे दलों को साफ नजर आ रहा है कि इस पूरी राजनीति के पीछे केन्द्र की राजनीति कर रहे दलों का एजेंडा छुपा है उसमें छात्र हित को केवल हथियार बनाया जा

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