Wednesday, October 14

रांची: छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा मंगलवार को झारखंड विधानसभा में भी गरमा गया। विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार के कई बड़े फैसलों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा (PT) और JPSC बैकलॉग की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही कई अन्य परीक्षाओं को लेकर उच्चस्तरीय जांच कराने की बात भी मुख्यमंत्री ने सदन में कही।

11वीं-13वीं JPSC समेत इन परीक्षाओं की होगी जांच

मुख्यमंत्री के मुताबिक 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा, FRO, APP और TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखा गया है। सरकार परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई शिकायतों और अनियमितताओं की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी।

JSSC-CGL भी जांच के दायरे में

इस फैसले का असर बहुचर्चित JSSC-CGL परीक्षा पर भी पड़ सकता है। चूंकि CGL परीक्षा का संचालन TDPL के माध्यम से कराया गया था, इसलिए TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच के सरकार के फैसले के तहत JSSC-CGL भी जांच के दायरे में आ गई है।

परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेषज्ञ सलाह ली जाएगी। IIT, IIM और XLRI जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों से परीक्षा प्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव लिए जाएंगे।

सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की गुंजाइश कम हो और अभ्यर्थियों को निष्पक्ष एवं पारदर्शी व्यवस्था मिल सके।

लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष का हंगामा

वहीं, छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी विधायक सदन में लगातार सरकार को घेरते रहे। विपक्ष ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर सरकार से जवाब मांगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर छात्रों की आड़ में राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार छात्रों के हित में पहले ही कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है।

विपक्ष के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। स्थिति सामान्य नहीं होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

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