डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल में मंगलवार को हिंदी पखवारा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के सभागार में 350 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता रांची विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जंग बहादुर पाण्डेय रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. विनय कुमार पाण्डेय एवं डॉ. प्रमोद रंजन पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री मंत्र के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर की गई। विद्यालय के प्राचार्य श्री बिपिन राय ने सभी अतिथियों का स्वागत सैपलिंग और अंगवस्त्र भेंट कर किया।
‘भाषा समृद्ध नहीं तो राष्ट्र निष्प्राण’
विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. जंग बहादुर पाण्डेय ने हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस राष्ट्र की भाषा समृद्ध नहीं है, वह राष्ट्र निष्प्राण है। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीय अस्मिता की पहचान है।
उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि राजभाषा हिंदी होने के बावजूद आज भी 90 प्रतिशत से अधिक लेखन कार्य अंग्रेजी में किया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि सभी मिलकर हिंदी की सेवा करें।
‘हिंदी को उचित सम्मान दें’
प्राचार्य श्री बिपिन राय ने अपने संबोधन में कहा कि सभी भाषाएँ अच्छी हैं, किंतु भारतीय होने के नाते हमें अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों से हिंदी को उचित सम्मान देने का आह्वान करते हुए कहा कि हिंदी, हिंद के गौरव और सम्मान की भाषा है।
विद्यार्थियों ने भी रखे विचार
इस अवसर पर कक्षा 12वीं की छात्रा सृष्टि मिश्रा ने सतीश सृजन द्वारा रचित कविता ‘शिशुपाल वध’ का सस्वर वाचन किया। वहीं शितांशु कुमार ने हिंदी भाषा पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में विद्यालय के सुपरवाइजरी हेड बी. कार्तिक, अनुश्री सिन्हा तथा एनडीजी ब्लॉक की इंचार्ज शालिनी प्रसाद उपस्थित रहीं।
