Tuesday, September 22

झारखंड के चर्चित शराब प्रकरण की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने और तेज कर दी है. जांच एजेंसी राज्य की उत्पाद नीति, शराब आपूर्ति व्यवस्था, झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड से जुड़ी प्रक्रियाओं और कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की हर कड़ी खंगाल रही है. इसी क्रम में मनंगलवार को ACB ने उत्पाद विभाग और JSBCL के तीन तत्कालीन वरिष्ठ पदाधिकारियों से पूछताछ शुरु कर दी है. ACB ने तत्कालीन संयुक्त आयुक्त (उत्पाद) गजेंद्र सिंह, तत्कालीन महाप्रबंधक (वित्त), JSBCL सुधीर कुमार दास और तत्कालीन उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश को समन जारी किया था जिसके बाद तीनों पदाधिकारी एसीबी के समक्ष उपस्थित हुए.एसीबी के मुताबिक पहले दर्ज किए गए बयानों का उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है और जहां जरूरत महसूस हो रही है, वहां संबंधित लोगों से दोबारा स्पष्टीकरण लिया जा रहा है.

खंगाले जा रहे हैं रिकार्ड

जांच एजेंसी टेंडर की शर्तों, उनमें हुए बदलाव, संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं की भूमिका के साथ-साथ टेंडर में शामिल कंपनियों की प्रक्रिया की भी जांच कर रही है. इसके अलावा बैंक गारंटी, भुगतान, सरकारी राजस्व की वसूली, शराब आपूर्ति, दुकानों के हिसाब-किताब, नकद संग्रह, बैंक में राशि जमा करने, ऑडिट और राजस्व वसूली से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं.

विश्वसनियता बनाए रखने के प्रयास में एसीबी
ACB के मुताबिक जांच के दौरान संबंधित बैठकों के रिकॉर्ड, दिए गए निर्देशों और उनके अनुपालन का भी परीक्षण किया जा रहा है. एजेंसी का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, तथ्यपरक और साक्ष्य आधारित तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है. किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष तभी निकाला जाएगा, जब दस्तावेजों, बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का समग्र परीक्षण पूरा हो जाएगा. ब्यूरो का दावा है कि उसका उद्देश्य पूरे मामले की हर कड़ी को स्वतंत्र रूप से जांचकर तथ्यों को सामने लाना और जांच की विश्वसनीयता बनाए रखना है

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