कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) से जुड़े बीमित कर्मचारियों और लाभार्थियों के लिए आधार लिंकिंग को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश सामने आया है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से ESIC रिकॉर्ड में आधार आधारित पहचान सत्यापन पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य लाभार्थियों की पहचान को अधिक पारदर्शी बनाना और चिकित्सा समेत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाना है।
फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने की कोशिश
सरकार की इस पहल का मकसद ESIC के तहत मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों और अन्य लाभों में फर्जीवाड़े की संभावना को कम करना है। आधार आधारित सत्यापन से प्रत्येक लाभार्थी की पहचान को रिकॉर्ड से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग जगहों से गलत तरीके से लाभ लेने जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, कर्मचारियों के लिए यह समझना जरूरी है कि आधार लिंक नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि उनका ESIC लाभ स्वतः समाप्त हो जाएगा। आधार सीडिंग और लाभों पर उसके प्रभाव से जुड़े किसी भी दावे के लिए कर्मचारियों को ESIC के आधिकारिक निर्देशों और अपने रिकॉर्ड की स्थिति की जांच करनी चाहिए।
किन कर्मचारियों को मिलता है ESIC का लाभ?
ESIC योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न लाभ मिलते हैं। सामान्य तौर पर ESIC कवरेज के लिए वेतन सीमा 21,000 रुपये प्रतिमाह तक है, जबकि दिव्यांग कर्मचारियों के लिए यह सीमा 25,000 रुपये प्रतिमाह है।
ऑनलाइन किया जा सकता है आधार सीडिंग
आधार सीडिंग की प्रक्रिया ESIC पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पूरी की जा सकती है। इसके लिए कर्मचारी को ESIC की वेबसाइट पर लॉगिन कर “Insured Persons and Beneficiaries” विकल्प में जाना होगा। इसके बाद “Aadhaar Seeding for IP” विकल्प चुनकर अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP के जरिए सत्यापन पूरा किया जा सकता है।
कर्मचारियों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके आधार में दर्ज मोबाइल नंबर सक्रिय हो। आधार सीडिंग या सत्यापन में किसी तरह की परेशानी होने पर संबंधित ESIC कार्यालय या आधिकारिक पोर्टल से जानकारी लेना बेहतर होगा।
कर्मचारियों के लिए जरूरी सावधानी
आधार और ESIC रिकॉर्ड में नाम, जन्मतिथि तथा अन्य विवरणों में किसी तरह की विसंगति होने पर समय रहते उसे ठीक कराना जरूरी है। साथ ही, OTP या आधार से जुड़ी संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य ESIC सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और वास्तविक लाभार्थियों के लिए सुगम बनाना है।
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