Friday, October 23

कोलकाता/बीरभूम। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी (28) की मौत का मामला सामने आया है। मंगलवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट क्षेत्र के कुसुंबा गांव स्थित उनके आवास की दूसरी मंजिल के एक कमरे से उनका शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया है। मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी मौत की वजह

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, घटना की सूचना मंगलवार को मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और अन्य जांच प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही मौत की परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। इसलिए फिलहाल पुलिस ने मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शुरुआती तौर पर पुलिस आत्महत्या की आशंका के आधार पर भी जांच कर रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर मौत की वजह की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

शिक्षक भर्ती मामले में चली गई थी नौकरी

बृष्टि मुखर्जी का नाम पश्चिम बंगाल के चर्चित स्कूल भर्ती मामले से भी जुड़ा रहा है। परिवार के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनकी सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में नौकरी चली गई थी। परिवार ने यह भी बताया कि वह पिछले कुछ वर्षों से अवसाद का इलाज करा रही थीं।

दरअसल, 3 अप्रैल 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की 2016 की स्कूल भर्ती प्रक्रिया को गंभीर अनियमितताओं और धोखाधड़ी से प्रभावित मानते हुए 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियों को रद्द करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था। कोर्ट ने नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया कराने का निर्देश भी दिया था।

बाद में 17 अप्रैल 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उन सहायक शिक्षकों को, जिनकी नियुक्ति में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई थी, नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक सेवा जारी रखने की अनुमति दी थी।

पुलिस जांच जारी

बृष्टि मुखर्जी की मौत के बाद अब पुलिस उनकी मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। परिवार की ओर से मानसिक तनाव और नौकरी चले जाने की बात सामने आई है, लेकिन इन परिस्थितियों को मौत का प्रत्यक्ष कारण मानना अभी जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की आगे की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।

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