Wednesday, November 4

रांची: खलारी में रेलवे आवासीय भवन के निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार देर रात खलारी डाकघर के समीप निर्माण स्थल पर अचानक पहुंचे नकाबपोश बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। तीन बाइक पर सवार होकर आए 8 से 9 अपराधियों ने वहां काम कर रहे मजदूरों को घेर लिया और लोहे की रॉड से उनकी पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान नौ मजदूरों के साथ मारपीट की गई। हमलावरों ने तीन मोबाइल फोन भी लूट लिए और मौके से फरार हो गए।

अचानक हुए हमले में निर्माण स्थल पर अफरातफरी मच गई। बदमाशों की पिटाई से सद्दाम हुसैन का सिर फट गया, जबकि इस्तीफाक शेख के हाथ में गंभीर चोट आई है। दोनों को काफी चोटें लगी हैं। हमलावरों ने वहां मौजूद अन्य मजदूरों को भी नहीं बख्शा। विरोध करने पर उनके साथ भी मारपीट की गई।

मारपीट के बाद मोबाइल लूटे, तीन बाइक से फरार हुए बदमाश

प्रत्यक्ष रूप से घटना का सामना करने वाले मजदूरों के लिए यह पूरी वारदात किसी डरावने अनुभव से कम नहीं थी। मारपीट करने के बाद बदमाशों ने मौके पर मौजूद लोगों के मोबाइल फोन छीन लिए। लूटे गए मोबाइल में गार्ड वीरेंद्र कुमार और सोहरिन देवी के फोन भी शामिल हैं। कुल तीन मोबाइल लेकर सभी आरोपी अपनी तीनों बाइक से वहां से निकल गए।

घटना के बाद से निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूरों में भय का माहौल है। उन्हें आशंका है कि दोबारा भी इस तरह का हमला हो सकता है।

7 सितंबर को भी हुई थी मारपीट, एक ही निर्माण स्थल पर दोबारा हमला

गौरतलब है कि खलारी डाकघर के समीप रेलवे की आवासीय बिल्डिंग का निर्माण कार्य केईसी कंपनी के अंतर्गत केके कंस्ट्रक्शन करा रही है। इसी साइट पर इससे पहले भी 7 सितंबर को मारपीट की घटना सामने आई थी। अब दोबारा नकाबपोश बदमाशों द्वारा मजदूरों को निशाना बनाए जाने से निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

लगातार दूसरी घटना के बाद मजदूरों का भरोसा डगमगा गया है। उनका कहना है कि जहां काम के दौरान ही जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहे, वहां काम करना मुश्किल है। इसी डर के कारण मजदूरों ने फिलहाल निर्माण कार्य बंद कर दिया है। इसका असर रेलवे आवासीय भवन के निर्माण पर भी पड़ने लगा है।

पुलिस जांच में जुटी, मजदूरों को सुरक्षा मिलने का इंतजार

वारदात की सूचना मिलते ही खलारी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस हमलावरों की पहचान करने के साथ-साथ घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। हालांकि, एक ही निर्माण स्थल पर कुछ ही महीनों के अंतराल में दो बार मारपीट की घटना सामने आने से मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

अब सवाल सिर्फ अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूरों को सुरक्षित माहौल देने का भी है। आखिर बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं के बीच मजदूर किस भरोसे काम पर लौटेंगे? जब तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक निर्माण कार्य दोबारा शुरू होना भी मुश्किल नजर आ रहा है।

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