रांची: झारखंड में मानसून एक बार फिर एक्टिव मोड में आ गया है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर अब राज्य के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। सोमवार रात से कई इलाकों में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो मंगलवार को भी जारी रहा। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता को देखते हुए अलर्ट जारी किया है।
सबसे ज्यादा चिंता चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ को लेकर है। इन तीनों जिलों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा कुछ जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट के जरिए लोगों को खराब मौसम के प्रति सावधान किया गया है।
कुछ इलाकों में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश की आशंका
रेड अलर्ट वाले जिलों में बारिश का असर सामान्य से काफी ज्यादा रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक कुछ स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा हो सकती है, जबकि अलग-अलग इलाकों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश भी संभव है।
भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में निचले इलाकों और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
पलामू प्रमंडल में भी मौसम बिगड़ने के आसार
गढ़वा, पलामू और लातेहार में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
वहीं रांची समेत खूंटी, लोहरदगा, गुमला, बोकारो, धनबाद, कोडरमा और गिरिडीह में येलो अलर्ट है। इन इलाकों में बारिश के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर भी अलर्ट किया गया है।
19 अगस्त तक खराब मौसम से राहत के आसार कम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 19 अगस्त को भी रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में बारिश का जोर बना रह सकता है। इसके बाद 20 और 21 अगस्त को बारिश की गतिविधियां कुछ कमजोर पड़ने की संभावना है, हालांकि पूरी तरह मौसम साफ होने की उम्मीद नहीं है।
22 अगस्त को कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। वहीं 23 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
एक दिन में 90.8 मिमी बारिश ने बढ़ाई तस्वीर की गंभीरता
राज्य में बारिश की सक्रियता का अंदाजा सोमवार के आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है। पूर्वी सिंहभूम के धालभूमगढ़ में 90.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे अधिक रही।
इसके अलावा मंजारी, मुसाबनी और जगन्नाथपुर में करीब 7 सेंटीमीटर तथा चाईबासा सदर में 6 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। कोडरमा और बोकारो में भी 40 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जमशेदपुर और बहरागोड़ा में 16-16 मिमी बारिश हुई, जबकि रांची में 6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
बारिश बढ़ी, फिर भी सीजन में कमी बरकरार
दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ दिनों में बारिश बढ़ने के बावजूद झारखंड अभी भी पूरे मानसून सीजन के हिसाब से बारिश की कमी से जूझ रहा है। 1 जून से 17 अगस्त तक राज्य में सामान्य से 18 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
हालांकि सभी जिलों की स्थिति एक जैसी नहीं है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 35 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है, जबकि सिमडेगा में भी सामान्य से थोड़ी अधिक वर्षा दर्ज की गई है। आने वाले दिनों की बारिश इस कमी को कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
वज्रपात को लेकर विशेष सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। आकाशीय बिजली की स्थिति में पेड़, बिजली के खंभे और अन्य ऊंचे स्थानों के नीचे खड़े नहीं होने की अपील की गई है।
लगातार बारिश की वजह से कई जिलों में तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक महसूस की जा सकती है। लेकिन बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात का खतरा बना रहने के कारण मौसम सुहावना होने के बावजूद लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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