धनबाद: छात्रों पर हुई हालिया पुलिस कार्रवाई को लेकर धनबाद में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शनिवार को धनबाद विधायक राज सिन्हा ने समाहरणालय पहुंचकर वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
एसएसपी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में विधायक राज सिन्हा ने पुलिस कार्रवाई की तुलना आपातकाल जैसे हालात से की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
छात्रों के प्रदर्शन के अधिकार का किया समर्थन
राज सिन्हा ने कहा कि अगर छात्रों को लगता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है, तो अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना और सरकार के सामने अपनी बात रखना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस को डंडे और हॉकी स्टिक का इस्तेमाल करना पड़ा।
विधायक ने कहा कि छात्रों की शिकायतों को सुनने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के बजाय उन पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
सरकार पर लगाया आवाज दबाने का आरोप
राज सिन्हा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन के माध्यम से लोगों और छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता और सरकार को समय रहते लोगों की समस्याओं को सुनना चाहिए।
मुख्यमंत्री से CBI जांच की मांग
विधायक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों की शिकायतों और पुलिस कार्रवाई की पूरी स्थिति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग भी रखी।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। विधायक राज सिन्हा ने जहां कार्रवाई को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं, वहीं मामले की जांच और CBI जांच की मांग ने भी सियासी बहस को तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन की ओर से विधायक के आरोपों और मांगों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
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