Thursday, September 10

रांची: सुबह ऑफिस जाने की जल्दी हो या शाम को घर लौटने की… रांची की सड़कों पर जाम में फंसना अब शहर की रोजमर्रा की परेशानी बन चुका है। खासकर हरमू, अरगोड़ा और करमटोली जैसे प्रमुख इलाकों में पीक आवर के दौरान ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है। लेकिन अब तस्वीर बदलने की तैयारी है।

झारखंड सरकार राजधानी को तीन नए फ्लाइओवर की सौगात देने जा रही है। इन फ्लाइओवर के बनने से शहर के कई व्यस्त रूट पर ट्रैफिक को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। यानी जिन रास्तों पर अभी कुछ दूरी तय करने में भी जाम के कारण लंबा वक्त लग जाता है, वहां आने वाले समय में सफर आसान हो सकता है।

सबसे बड़ी बात यह है कि करमटोली-चिरौंदी, अरगोड़ा-चापुटोली और हरमू फ्लाइओवर के लिए टेंडर प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। तीनों परियोजनाओं में एल-1 कंपनियों का चयन कर लिया गया है। अब रेट नेगोशिएशन के बाद काम आवंटित किया जाएगा।

सरकार और विभाग की कोशिश है कि अक्टूबर 2026 से तीनों फ्लाइओवर का निर्माण शुरू करा दिया जाए।

तीन फ्लाइओवर… और रांची के तीन बड़े ट्रैफिक रूट

इन योजनाओं की खासियत सिर्फ फ्लाइओवर बनना नहीं है, बल्कि शहर के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ना भी है।

हरमू फ्लाइओवर करीब 3.5 किलोमीटर लंबा होगा। यह सहजानंद चौक के पहले से शुरू होकर हरमू रोड और रातू रोड को पार करते हुए कांके रोड स्थित जज कॉलोनी तक जाएगा। करीब 326.61 करोड़ रुपये की इस योजना में सहजानंद चौक की तरफ से आने वाले वाहनों को रातू रोड की ओर जाने के लिए गोशाला के सामने उतरने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

वहीं अरगोड़ा फ्लाइओवर करीब 3.804 किलोमीटर लंबा होगा। इसके निर्माण के लिए 223.14 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। यह हरमू रोड पर काव्स रेस्टोरेंट के पास से शुरू होकर डिबडीह ब्रिज के पहले तक जाएगा। इसके साथ अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ की ओर चापुटोली और अशोक नगर रोड नंबर-3 तक भी कनेक्टिविटी दी जाएगी।

यहां राउंडअबाउट की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, यानी चारों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों को कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

और तीसरा है करमटोली-चिरौंदी फ्लाइओवर। करीब 3.216 किलोमीटर लंबा यह फ्लाइओवर करमटोली चौक से साइंस सिटी, चिरौंदी तक बनेगा। मुख्य फ्लाइओवर करीब 2.7 किलोमीटर का होगा, जबकि करीब 0.52 किलोमीटर की लिंक रोड मोरहाबादी की ओर होगी। इस परियोजना के लिए करीब 351 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है।

किस कंपनी को मिला मौका?

तीनों परियोजनाओं के लिए एल-1 कंपनियों का चयन भी हो चुका है।

  • करमटोली-चिरौंदी फ्लाइओवर के लिए शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी
  • अरगोड़ा-चापुटोली फ्लाइओवर के लिए दिनेश चंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन कंपनी
  • हरमू फ्लाइओवर के लिए हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC), मुंबई

हरमू फ्लाइओवर का काम पाने वाली HCC बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल है और बांद्रा-वर्ली सी लिंक जैसी बड़ी परियोजनाओं पर भी काम कर चुकी है।

रांची की सड़कों को मिलेगी नई रफ्तार?

तीनों फ्लाइओवर बनने के बाद शहर के इन प्रमुख रूट पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर उन जगहों पर जहां सड़क पर बढ़ता ट्रैफिक अक्सर जाम की वजह बनता है, वहां फ्लाइओवर के जरिए वाहनों की आवाजाही को अलग स्तर पर ले जाने की कोशिश होगी।

यानी रांची सिर्फ फैल नहीं रहा, बल्कि उसकी कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर भी तेजी से बदलने की तैयारी में है।

फिलहाल टेंडर फाइनल हो चुका है। अब रेट नेगोशिएशन और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी होनी है। इसके बाद अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा, तो अक्टूबर से रांची की सड़कों पर तीन बड़े फ्लाइओवर का काम दिखाई देने लगेगा।

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Sanjana Kumari is a media professional, content writer, and voiceover artist with experience since 2023. She has expertise in digital media, social media, news writing, editing, and content management. Currently, she works as an Input In-Charge at Jharkhand Digital, handling news inputs and digital content. She is proficient in writing and articulating articles and voiceovers in both Hindi and English.

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