Tuesday, October 13

रांची। धुर्वा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर सेक्टर-2 की छात्रा सिद्धि सिंह के एडमिशन को लेकर चल रहे विवाद में अब नया तथ्य सामने आया है। झारखंड डिजिटल की खबर के बाद मामले की पड़ताल और प्रशासन से बातचीत में सामने आया कि प्रशासन ने पहले भी इस मामले को सुलझाने के लिए स्कूल प्रबंधन को पत्र लिखा था। प्रशासन ने स्कूल से मामले का समाधान निकालने और छात्रा का एडमिशन सुनिश्चित करने को कहा था।

जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय की ओर से स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि फीस से जुड़ी समस्या स्कूल और अभिभावक आपस में बातचीत कर सुलझाएं, लेकिन इसका असर छात्रा की पढ़ाई पर नहीं पड़ना चाहिए। छात्रा का एडमिशन लेने पर भी जोर दिया गया है।

प्रशासन ने पहले भी स्कूल को लिखा था पत्र

झारखंड डिजिटल टीम ने प्रशासन से बात करने के बाद जब पूरे मामले की जानकारी ली तो पता चला कि छात्रा के एडमिशन को लेकर प्रशासन पहले भी हस्तक्षेप कर चुका है। प्रशासन की ओर से स्कूल प्रबंधन को पत्र लिखकर मामले का समाधान निकालने और छात्रा का एडमिशन लेने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया था।

इसके बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से छात्रा के पिता कमलेश सिंह को 17 जून को पत्र भेजकर स्कूल बुलाया गया था। स्कूल ने अभिभावक को उनकी बेटी का एडमिशन कराने के लिए आमंत्रित किया था। हालांकि, स्कूल प्रबंधन के अनुसार 17 जून को अभिभावक स्कूल नहीं पहुंचे।

स्कूल ने कहा- एडमिशन से नहीं किया इनकार

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उसने सिद्धि के एडमिशन से इनकार नहीं किया है। स्कूल के अनुसार, छात्रा ने 9वीं और 10वीं की पढ़ाई इसी विद्यालय से की है और इन कक्षाओं की कुछ फीस बकाया है।

स्कूल के रिकॉर्ड के मुताबिक, 9वीं की करीब 29,100 रुपये और 10वीं की करीब 30,900 रुपये फीस बकाया है। छात्रा को शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 11वीं कॉमर्स में एडमिशन लेना है, जिसके लिए 29,980 रुपये एडमिशन फीस बताई गई है।

भुगतान के तरीके को लेकर भी फंसी पेंच

स्कूल प्रबंधन के अनुसार, छात्रा के पिता डेबिट कार्ड से फीस जमा करना चाहते हैं। लेकिन स्कूल का POS मशीन फिलहाल काम नहीं कर रहा है। ऐसे में स्कूल की ओर से ERPF पोर्टल से ऑनलाइन भुगतान या NEFT/RTGS के माध्यम से स्कूल के खाते में सीधे राशि ट्रांसफर करने का विकल्प छात्रा के पिता को दी गई थी।

यानी अब मामले में फीस के साथ-साथ भुगतान के तरीके को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत की जरूरत है।

जिला प्रशासन ने कहा- पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए

प्रशासन का कहना है कि फीस से जुड़ा विवाद स्कूल और अभिभावक के बीच का मामला है। दोनों पक्ष आपस में बातचीत कर इसका समाधान निकालें। लेकिन किसी भी स्थिति में इसका असर छात्रा की पढ़ाई पर नहीं पड़ना चाहिए।

इसी वजह से स्कूल प्रबंधन को छात्रा का एडमिशन लेने और फीस से संबंधित मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि विचार विमर्श कर इसकी सूचना प्रशासन को एक सप्ताह के अंदर यथाशीघ्रह उपलब्ध कराया जाए।

दरअसल, इससे पहले सिद्धि सिंह ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि उसके पिता द्वारा फीस और सिलेबस को लेकर आपत्ति जताने के बाद उसका एडमिशन नहीं लिया गया और उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। झारखंड डिजिटल ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था।

अब प्रशासन और स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। एक ओर छात्रा की पढ़ाई प्रभावित होने की बात सामने आई, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के मुताबिक मामले को सुलझाने के लिए पहले भी प्रयास किए गए और स्कूल की ओर से अभिभावक को एडमिशन के लिए बुलाया भी गया था।

अब सबसे जरूरी सवाल यही है कि दोनों पक्ष कब आमने-सामने बैठकर इस मामले को सुलझाते हैं और सिद्धि की पढ़ाई को बिना किसी और देरी के कैसे शुरू कराया जाता है।

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